वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में पूरी तरह से तैयार औद्योगिक पार्क की एक नई योजना के लिए 2,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. नई योजना पूर्ण बुनियादी ढांचे के साथ निवेश के लिए तैयार औद्योगिक पार्कों के विकास की सुविधा के लिए तैयार की गई है.
स्टार्टअप और विनिर्माण को बढ़ावा
वित्त मंत्री ने उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के लिए बजटीय आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की है. डीपीआईआईटी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति, स्टार्टअप और विनिर्माण को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे देखता है. बजट दस्तावेजों के अनुसार, विभाग को आवंटन 2025-26 के लिए 64 प्रतिशत बढ़ाकर 13,145.06 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि 2024-25 में इसका संशोधित अनुमान 8,011 करोड़ रुपये था.
अगले वित्त वर्ष के लिए जिन खंडों में आवंटन बढ़ाया गया है उनमें बौद्धिक संपदा से संबंधित कार्य (321.34 करोड़ रुपये), फुटवियर (जूता-चप्पल), चमड़ा और सहायक उपकरण विकास कार्यक्रम (350 करोड़ रुपये), राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट (2,500 करोड़ रुपये), फंड ऑफ फंड्स 2.0 (2,000 करोड़ रुपये) और बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना (444.54 करोड़ रुपये) शामिल हैं.
राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की घोषणा
मंत्री ने राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की घोषणा की है, जो ‘मेक इन इंडिया’ (भारत में बनाओ) को बढ़ावा देने को विनिर्माण क्षेत्र के लिए नीतिगत समर्थन, खाके के क्रियान्वयन, शासन और निगरानी ढांचा प्रदान करने के लिए एक नई योजना होगी. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए धनराशि को 2025-26 के लिए बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
यह खबर सीधे भाषा सिंडीकेट से उठाई गई है. इसे जनभावना टाइम्स ने संपादित नहीं किया है. First Updated : Sunday, 02 February 2025