अमेरिका की भारत पर टैरिफ घोषणा से शेयर बाजारों में हलचल, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

ट्रंप के भारत पर टैरिफ लगाने और यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने से अमेरिकी बाजारों में हलचल दिखी. एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा. निवेशक अमेरिका की टैरिफ नीति और जापान के पॉलिसी फैसले पर नजर बनाए हुए हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 1 अगस्त से भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल देखने को मिली है. इस फैसले के साथ ट्रंप प्रशासन ने एक अतिरिक्त पेनल्टी भी घोषित की है, जिससे अमेरिका के शेयर बाजार में सुस्ती आ गई. साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने जुलाई की मौद्रिक बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए उन्हें 4.25-4.5% के स्तर पर बनाए रखा.

बुधवार को शेयर बाजारों में यह असर साफ नजर आया. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 0.4% टूटा, जबकि एसएंडपी 500 में शुरुआती गिरावट के बावजूद 0.1% की हल्की कमजोरी आई. टेक आधारित नैस्डैक कंपोजिट 0.2% की बढ़त के साथ बंद हुआ.

यूएस फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने क्या कहा?

यूएस फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने बयान में कहा कि टैरिफ के प्रभावों को आंकने का अभी शुरुआती दौर है और सितंबर में ब्याज दरों में कटौती को लेकर कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया गया है. इससे यह संकेत मिलता है कि अगली मौद्रिक नीति बैठक में दरों पर कोई ठोस रुख तय नहीं किया गया है.

 एशियाई बाजारों में अस्थिरता

उधर, एशियाई बाजारों में भी अस्थिरता नजर आ रही है. अमेरिका द्वारा दक्षिण कोरिया से आयात पर लगाए गए 15% टैरिफ से निवेशकों की चिंता बढ़ी है. जापान का निक्केई 225 सुबह करीब 299 अंक चढ़कर 40,953.71 पर पहुंच गया, जबकि साउथ कोरिया का कॉस्पी 0.16% ऊपर रहा. वहीं, हांगकांग का हैंग-सेंग 1.35% गिरकर 24,835.82 पर बंद हुआ. चीन का SSE कंपोजिट इंडेक्स भी 31.77 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ.

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