वेनेजुएला का तेल भारत पहुंचा, 2 मिलियन बैरल वाले विशाल टैंकर भेजे, तेल निर्यात में आई तेजी

वेनेजुएला ने अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलते ही लंबे अंतराल के बाद पहली बार सुपरटैंकर चार्टर किए हैं. इससे भारत को सस्ता और भारी क्रूड ऑयल की सप्लाई तेजी से बढ़ रही है. रिफाइनरी कंपनियां अब रूसी तेल पर कम निर्भर होकर नए-नए स्रोतों से विविधता ला रही हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

वेनेजुएला अब भारत की ओर अपने तेल की सप्लाई को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा रहा है. और यह शाब्दिक रूप से बड़ा कदम है. 20 लाख बैरल तक की क्षमता वाले सुपर-टैंकर अब भारतीय तटों की ओर रवाना हो रहे हैं, जो काराकस-वाशिंगटन के बीच हुए नए समझौते के बाद व्यापारिक धाराओं में तेज बदलाव का संकेत दे रहा है.

मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला से तेल निर्यात फिर से पटरी पर लौटने की मजबूत उम्मीद के साथ ट्रेडिंग हाउस और खरीदार अब वेरी लार्ज क्रूड कैरियर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये विशाल जहाज पहले इस्तेमाल होने वाले सुजमैक्स टैंकरों से लगभग दोगुना और अफ्रामैक्स से करीब चार गुना ज्यादा तेल ले जा सकते हैं, जिससे परिवहन लागत में कटौती होगी और भारत तक सप्लाई की रफ्तार बढ़ेगी. मार्च से शुरू होने वाली इन बड़ी खेपों से वेनेजुएला के गोदामों में जमा लाखों बैरल तेल तेजी से खाली होने की संभावना है.

वेनेजुएला तेल बाजार में भारत की मजबूत वापसी

भारत फिर से वेनेजुएला तेल बाजार में मजबूत वापसी कर रहा हैभारतीय रिफाइनर्स के लिए यह खबर रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण समय पर आई है. 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत वेनेजुएला का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार होने के बावजूद सप्लाई लगभग बंद हो गई थी. अब वाशिंगटन द्वारा नई लाइसेंसिंग व्यवस्था के तहत प्रतिबंधों में ढील मिलने से व्यापार तेजी से बहाल हो रहा है.

अमेरिकी कंपनी शेवरॉन ने दिसंबर 2023 के बाद पहली बार रिलायंस इंडस्ट्रीज को वेनेजुएला का बोस्कैन हेवी क्रूड बेचा है. यह करीब छह साल बाद ऐसी पहली डील है. रिलायंस ने विटोल से भी 20 लाख बैरल की एक बड़ी खेप खरीदी है और पीडीवीएसए से सीधे खरीदारी की संभावनाओं पर विचार कर रही है. 

ट्रेडिंग हाउसों ने वेनेजुएला के हेवी क्रूड को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और एचपीसीएल मित्तल एनर्जी को भी बेचा है. भारत रूसी तेल पर निर्भरता कम करने और कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति पर काम कर रहा है.

वीएलसीसी का इस्तेमाल

विटोल और ट्राफिगुरा द्वारा चार्टर किए गए कम से कम तीन वीएलसीसी निसोस केआ, निसोस किथनोस और अरजनाह को जोसे टर्मिनल पर मार्च में लोडिंग स्लॉट मिले हैं. ये सभी जहाज भारत के लिए रवाना होंगे. एक अन्य सुपरटैंकर ओलंपिक लायन भी वेनेजुएला को अपनी मंजिल बता रहा है. सूत्रों के अनुसार, बड़ी क्षमता वाली इन खेपों से परिवहन खर्च में कमी आएगी और मार्च से डिलिवरी की गति बढ़ेगी. इससे वेनेजुएला के स्टोरेज में जमा लाखों बैरल तेल तेजी से साफ हो सकेंगे.

वेनेजुएला का तेल निर्यात पटरी पर

साल की शुरुआत में वेनेजुएला का ज्यादातर तेल मध्यम आकार के टैंकरों से अमेरिकी रिफाइनरियों या कैरेबियन स्टोरेज हब्स की ओर जाता था. अब वीएलसीसी की ओर यह बदलाव एक बड़ा लॉजिस्टिकल अपग्रेड माना जा रहा है. प्रतिबंधों में राहत के बाद जनवरी में वेनेजुएला का तेल निर्यात करीब 8 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया, जो दिसंबर के 5 लाख बैरल प्रतिदिन से काफी अधिक है.

हालांकि तेज उछाल के कारण अभी भी लाखों बैरल तेल बिना खरीदार के गोदामों में पड़ा है. भारतीय रिफाइनर्स की बढ़ती मांग इन स्टॉक को तेजी से कम करने में मदद कर सकती है.

वेनेजुएला का डिस्काउंटेड मेयरे हेवी क्रूड भारतीय रिफाइनर्स को आकर्षित कर रहा है, हालांकि ग्लोबल मार्केट में बैकवर्डेशन के कारण मार्जिन दबाव में हैं. फिर भी बड़ी खेपों से फ्रेट कॉस्ट कम होने से समग्र इकोनॉमिक्स बेहतर हो सकता है.

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