UGC-NET सोशियोलॉजी पेपर लीक का नया आरोप! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ PDF
वीडियो में दोनों ने कहा कि वे ऐसे लोगों के संपर्क में आए थे जो UGC-NET, CSIR-NET, HTET और ADA जैसी परीक्षाओं के पेपर पहले से देने का दावा कर रहे थे।

नई दिल्ली: UGC-NET जून 2026 परीक्षा को लेकर एक बार फिर पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं। इस बार हरियाणा के दो छात्र नेताओं ने दावा किया है कि 30 जून को हुई सोशियोलॉजी की परीक्षा का पेपर, परीक्षा से कुछ घंटे पहले सर्कुलेट किए गए एक PDF से काफी हद तक मिलता-जुलता था। अब तक NTA ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
छात्र नेताओं ने वीडियो में किए बड़े खुलासे
ये आरोप सबसे पहले 'एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स' के हरियाणा अध्यक्ष दीपक धनखड़ और छात्र नेता अंकित फोगाट ने उठाए। 6 जुलाई को उन्होंने YouTube और Instagram पर एक वीडियो पोस्ट किया।
वीडियो में दोनों ने कहा कि वे ऐसे लोगों के संपर्क में आए थे जो UGC-NET, CSIR-NET, HTET और ADA जैसी परीक्षाओं के पेपर पहले से देने का दावा कर रहे थे। आरोप है कि ये नेटवर्क हर उम्मीदवार से 2.25 लाख रुपये मांग रहा था और बिहार, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में सक्रिय था।
धनखड़ और फोगाट के मुताबिक शुरू में जो पेपर उन्हें दिखाए गए वो असली नहीं थे। लेकिन 30 जून को सोशियोलॉजी की परीक्षा से ठीक पहले उन्हें एक और PDF भेजा गया। उनका दावा है कि उस PDF में करीब 100 सवाल थे और उनमें से कई सवाल असल पेपर में भी आए।
धनखड़ ने कहा, "NTA को अपने ओरिजिनल रिकॉर्ड्स चेक करने चाहिए। ये पता लगाना होगा कि प्रश्न पत्र तक पहुंच कैसे बनी, कब एक्सेस हुआ और क्या किसी बाहरी डिवाइस का इस्तेमाल हुआ।"
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ PDF
UGC NET has become " A Masterclass in Incompetence " 🤷🏻♂️
— Himanshu (@himanshu31_) July 8, 2026
The repeated and catastrophic failure to secure the @NTA_Exams UGC NET Sociology paper is a glaring testament to the gross incompetence of the authorities in charge.
When an agency entrusted with determining the future… pic.twitter.com/Ucqtq4Ph6L
आरोप लगते ही X पर इस मुद्दे ने तेजी से तूल पकड़ा। कई यूजर्स ने कथित PDF और असल सोशियोलॉजी पेपर के स्क्रीनशॉट शेयर किए। एक यूजर ने दावा किया कि 30 जून को सुबह 4:08 बजे बना एक PDF सर्कुलेट हुआ था जिसमें "सोशियोलॉजी UGC-NET के लगभग वही सवाल और वही ऑप्शन" थे। लोगों ने मांग की कि इस PDF के सोर्स की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


