NEET पेपर लीक पर फूटा अशोक गहलोत का गुस्सा, सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद अशोक गहलोत ने राजस्थान की सरकार पर पेपर लीक का आरोप लगाया है. उन्होंने NTA के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी और जांच जरूरी है.

राजस्थान: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा NEET UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. पेपर लीक विवाद के चलते परीक्षा रद्द होने से लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. इस मुद्दे पर अशोक गेहलोत ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अब परीक्षा रद्द होने के बाद सच्चाई सामने आ गई है.
‘NEET परीक्षा रद्द होना बड़े घोटाले का संकेत’
अशोक गेहलोत ने अपने पोस्ट में लिखा, NEET (UG) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी. राजस्थान की बीजेपी सरकार. उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने से यह स्पष्ट हो गया है कि पूरे मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई थीं.
NEET (UG) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 12, 2026
NTA के फैसले की सराहना
पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की कार्रवाई की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है.
राजस्थान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार पहले भी कर्मचारी चयन बोर्ड के OMR शीट घोटाले को छिपाने की कोशिश कर चुकी है. उन्होंने कहा, FIR तक नहीं करवाई गई. हमने खुद ही दो दिन पहले मांग की थी और सवाल किया था कि अब तक FIR क्यों नहीं हुई? यह बहुत बड़ा मामला था. एसओजी की जांच में लोग पकड़े गए. तब भी पता नहीं किसको बचाने के लिए केस दर्ज नहीं किया गया.
3 मई को हुई थी परीक्षा
जानकारी के अनुसार NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी. इससे पहले आरोप लगे थे कि 2 मई को गेस पेपर के जरिए प्रश्नपत्र लीक कर दिया गया था. मामले के सामने आने के बाद परीक्षा को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया.


