नीम करोली बाबा की सीख से बदली दुनिया के दिग्गजों की सोच, स्टीव जॉब्स से मार्क जकरबर्ग तक हुए प्रभावित
सादगी, सेवा और आध्यात्मिक शक्ति के प्रतीक नीम करोली बाबा ने सिर्फ आम लोगों ही नहीं, बल्कि मार्क जकरबर्ग, स्टीव जॉब्स और जैक डोर्सी जैसे टेक दिग्गजों को भी गहराई से प्रभावित किया. वहीं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसे सितारे भी कैंची धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ चुके हैं.

नई दिल्ली: नीम करोली बाबा सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में आध्यात्मिकता, सेवा और सादगी के प्रतीक माने जाते हैं. उनकी शिक्षाओं ने आम लोगों से लेकर दुनिया के बड़े बिजनेस लीडर्स और टेक दिग्गजों तक को गहराई से प्रभावित किया है. यही वजह है कि आज भी उत्तराखंड स्थित उनका कैंची धाम आश्रम लाखों श्रद्धालुओं और आध्यात्मिक शांति की तलाश में आने वाले लोगों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है.
दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों से जुड़े नाम जैसे स्टीव जॉब्स, मार्क जकरबर्ग और जैक डोर्सी भी किसी न किसी रूप में नीम करोली बाबा की शिक्षाओं और उनके आश्रम से जुड़े रहे हैं. इन हस्तियों ने माना कि वहां के अनुभव ने उनके जीवन और सोचने के तरीके पर गहरा असर डाला.
स्टीव जॉब्स को कैंची धाम में मिली नई सोच
स्टीव जॉब्स 1970 के दशक में उत्तराखंड के कैंची धाम स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम पहुंचे थे. उस समय वह अपने जीवन और करियर को लेकर उलझन में थे और मानसिक शांति की तलाश में भारत आए थे. हालांकि बाबा का निधन 1973 में हो चुका था, लेकिन जॉब्स ने आश्रम में समय बिताया और वहां के शांत वातावरण को महसूस किया. उन्होंने बाबा के भक्तों से बातचीत भी की.
बताया जाता है कि इस यात्रा ने उन्हें सादगी और फोकस का महत्व समझाया. आगे चलकर यही सोच एप्पल की डिजाइन फिलॉसफी का अहम हिस्सा बनी. बाद में उन्होंने अपने कई करीबी लोगों को भी वहां जाने की सलाह दी.
स्टीव जॉब्स की सलाह पर भारत आए मार्क जकरबर्ग
मार्क ज़ुकेरबर्ग ने साल 2015 में खुलासा किया था कि वह स्टीव जॉब्स की सलाह पर कैंची धाम आश्रम गए थे. उस समय फेसबुक अपने शुरुआती संघर्ष के दौर से गुजर रहा था और कंपनी की दिशा को लेकर जकरबर्ग असमंजस में थे. ऐसे में स्टीव जॉब्स ने उन्हें भारत जाकर आश्रम में समय बिताने की सलाह दी.
जकरबर्ग ने वहां कुछ समय बिताया और बाद में कहा कि उस अनुभव ने उन्हें मानसिक शांति और नया आत्मविश्वास दिया. इसके बाद फेसबुक के मिशन दुनिया को जोड़ने को लेकर उनका भरोसा और मजबूत हुआ.
ध्यान और माइंडफुलनेस से प्रभावित रहे जैक डोर्सी
जैक डोर्सी भी भारतीय आध्यात्मिकता और ध्यान की परंपरा से प्रभावित माने जाते हैं. हालांकि उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा कि वह सीधे आश्रम गए थे, लेकिन उन्होंने कई बार मेडिटेशन और माइंडफुलनेस के महत्व पर जोर दिया. उनका मानना रहा है कि मानसिक शांति और आत्म-जागरूकता बेहतर नेतृत्व की पहचान है. यही वजह है कि उनका नेतृत्व करने का तरीका शांत, संतुलित और फोकस्ड माना जाता है.
क्या थीं नीम करोली बाबा की प्रमुख शिक्षाएं?
नीम करोली बाबा की शिक्षाएं बेहद सरल और व्यावहारिक मानी जाती हैं. वह प्रेम, सेवा और मानवता को जीवन का सबसे बड़ा धर्म बताते थे. उनके अनुसार हर व्यक्ति के साथ सम्मान और प्रेम से व्यवहार करना चाहिए. बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करना ही सच्ची भक्ति और धर्म है.
दुनियाभर में बढ़ी नीम करोली बाबा की लोकप्रियता
नीम करोली बाबा की लोकप्रियता समय के साथ वैश्विक स्तर पर बढ़ती गई. उनका कैंची धाम आश्रम आज भी विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं, बिजनेस लीडर्स और सेलेब्रिटीज को आकर्षित करता है. प्यार का चमत्कार ने भी उनकी शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई. इस किताब में राम दासने बाबा के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं.
विराट-अनुष्का भी ले चुके हैं आशीर्वाद
भारत में भी कई बड़ी हस्तियां नीम करोली बाबा में आस्था रखती हैं. विराट कोहली और अनुष्का शर्माभी अपने परिवार के साथ कैंची धाम आश्रम पहुंच चुके हैं और वहां बाबा का आशीर्वाद ले चुके हैं.


