आज है ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल, इस समय करें पूजा, मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद
ज्येष्ठ महीने का दूसरा बड़ा मंगल इस बार पंचक के प्रभाव में मनाया जा रहा है. हनुमान जी की पूजा, व्रत और भंडारे को लेकर भक्तों में खास उत्साह है. शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं.

नई दिल्ली: ज्येष्ठ महीने का दूसरा बड़ा मंगल इस बार खास संयोगों के साथ आया है. एक तरफ भक्त पूरे श्रद्धा भाव से हनुमान जी की पूजा और व्रत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस दिन पंचक का प्रभाव भी बना हुआ है. ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या पंचक के दौरान पूजा करना शुभ रहेगा और हनुमान जी की आराधना किस समय करनी चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़ा मंगल का दिन बजरंगबली की कृपा पाने के लिए बेहद फलदायी माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ, दान और भंडारे का विशेष महत्व बताया गया है.
दूसरा बड़ा मंगल क्यों है खास?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार का संबंध भगवान हनुमान से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि इसी महीने में भगवान राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी. तभी से ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भक्त हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और जरूरतमंदों को भोजन करवाते हैं. माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और व्यक्ति को साहस, शक्ति और सुख की प्राप्ति होती है.
दूसरे बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त
आज दूसरे बड़े मंगल पर पूजा के लिए शुभ समय सुबह 8 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सुबह के समय हनुमान जी की पूजा करना सबसे अधिक शुभ माना गया है. इसके अलावा शाम के समय भी पूजा की जा सकती है. शाम का शुभ मुहूर्त 7 बजकर 3 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. इस दौरान भक्त हनुमान जी को चोला चढ़ा सकते हैं और दीपक जलाकर पूजा कर सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और संकट दूर होते हैं.
पंचक के दौरान पड़ रहा है बड़ा मंगल
इस बार बड़ा मंगल रोग पंचक में पड़ रहा है, जिसके कारण कई लोग असमंजस में हैं. आमतौर पर पंचक के समय कुछ शुभ और मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि धार्मिक जानकारों का कहना है कि हनुमान जी की पूजा पर पंचक का नकारात्मक प्रभाव नहीं माना जाता. मान्यता है कि पंचमुखी हनुमान की आराधना करने से भय, तनाव और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है. इसलिए भक्त इस दौरान भी पूरे श्रद्धा भाव से पूजा कर सकते हैं. हालांकि पंचक के समय नए कार्यों की शुरुआत या बड़े मांगलिक आयोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है.
पंचक में कैसे करें हनुमान जी की पूजा?
बड़ा मंगल के दिन भक्तों को हनुमान जी को सिंदूर, लाल फूल और लाल चंदन अर्पित करना चाहिए. साथ ही चमेली के तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना गया है.
भक्त इस विशेष मंत्र का जाप कर सकते हैं:
“ॐ नमो भगवते पंचवदनाय, पूर्वकपि मुखाय, सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा।”
इसके अलावा हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हनुमान बीसा का पाठ करना भी बेहद लाभकारी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इनका पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति मिलती है. हालांकि पंचक के दौरान हवन और यज्ञ जैसे कार्यों से बचना चाहिए.
पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
बड़ा मंगल के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी जरूरी माना गया है. भक्तों को इस दिन काले और नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए. लाल, पीले और सफेद रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं.व्रत रखने वाले लोगों को पूरे दिन सात्विक भोजन करना चाहिए और मांसाहार व शराब से दूर रहना चाहिए. साथ ही गुस्सा, नकारात्मक सोच और गलत व्यवहार से बचने की भी सलाह दी जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करते हैं, उन्हें जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत मिलती है और बजरंगबली का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.


