विजय की पार्टी TVK के नेता पर ₹25 करोड़ की ठगी का आरोप, पुलिस ने दूसरे राज्य से किया गिरफ्तार
विजय की पार्टी TVK से जुड़े कथित ठग को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आरोपी को अपने हवाले करने की मांग करते हुए कहा कि वे खुद उसे सबक सिखाना चाहते हैं. मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

नई दिल्ली: विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम के एक पदाधिकारी को करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुडुकोट्टई और आसपास के इलाकों में लोगों से ऊंचे रिटर्न का लालच देकर ₹25 करोड़ से ज्यादा की रकम जुटाई थी.
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुडुकोट्टई में भारी तनाव का माहौल देखने को मिला. बड़ी संख्या में पीड़ित लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.
कौन है आरोपी सरवनन?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सरवनन तमिलगा वेट्री कजगम का केंद्रीय जिला कार्यकारिणी सदस्य है और पुडुकोट्टई शहर के थिरुवप्पुर इलाके का रहने वाला है. जिला अपराध शाखा पुलिस ने निवेशकों की कई शिकायतों के बाद उसे गिरफ्तार किया.
ऊंचे मुनाफे का लालच देकर जुटाए करोड़ों रुपये
जांच अधिकारियों के मुताबिक सरवनन ने पिछले कई वर्षों में पुडुकोट्टई और आसपास के इलाकों के प्रभावशाली लोगों और निजी साहूकारों से बड़ी रकम उधार ली थी. उसने अलग-अलग लोगों से ₹30 लाख से लेकर ₹1.5 करोड़ तक की रकम ली और निवेश पर मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाया. पुलिस का कहना है कि कई मामलों में आरोपी ने अपनी मां की खराब तबीयत और निजी आपात स्थितियों का हवाला देकर भी लोगों से पैसे लिए.
100 से ज्यादा लोगों से ₹25 करोड़ से अधिक की वसूली
अधिकारियों के अनुसार सरवनन ने 100 से ज्यादा लोगों से ₹25 करोड़ से अधिक की रकम जुटाई, लेकिन बाद में पैसे लौटाने में विफल रहा. पीड़ितों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था.
राजनीतिक माहौल के बीच बढ़ी शिकायतें
पीड़ितों को आशंका थी कि आरोपी तमिलनाडु की हालिया राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सत्तारूढ़ दल के नाम का गलत इस्तेमाल कर भुगतान से बचने की कोशिश कर सकता है. इसी डर के चलते पिछले 10 दिनों में कई लोगों ने पुडुकोट्टई जिला पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी. शिकायतों के आधार पर जिला अपराध शाखा ने जांच शुरू की और आरोपी को दूसरे राज्य से पकड़कर पुडुकोट्टई लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है.
पुलिस कार्यालय के बाहर हंगामा
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई. 100 से अधिक पीड़ित मौके पर पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे. कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर कहा कि आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए और वे स्वयं उसकी देखभाल करेंगे. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि आरोपी के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा.
पैसे वापस दिलाने की कोशिश में पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच के लिए सरवनन को हिरासत में लिया जाएगा. साथ ही निवेशकों की रकम वापस दिलाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे.
विजय के मुख्यमंत्री बनने के कुछ दिन बाद हुई गिरफ्तारी
यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब हाल ही में विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेट्री कजगम राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, हालांकि उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. बाद में क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से पार्टी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस चुनाव ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाते हुए DMK और AIADMK गठबंधनों के लंबे वर्चस्व को समाप्त कर दिया.


