विदेशी मुद्रा बचाने के लिए PM मोदी का नया फरमान, विदेश की बजाय भारत में ही करें शादी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारतीयों से विदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग करने से बचने और भारत में ही शादी करने की अपील की है. उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे देशी स्थलों पर शादियां करने पर जोर देते हुए विदेशी मुद्रा बचाने और अनावश्यक खर्च कम करने का संदेश दिया.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारतीयों से अपील की है कि वे विदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग करने से बचें और अपनी शादियां भारत में ही मनाएं. यह अपील उन्होंने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच की है, खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण.
गुजरात के वडोदरा में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल विदेश में शादी करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे विदेशी मुद्रा का बहुत अधिक बहिर्वाह हो रहा है. उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे भारत के खूबसूरत स्थानों पर छुट्टियां मनाएं और शादियां करें.
भारत में शादी का भावनात्मक महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “क्या भारत में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां हम अपनी छुट्टियां बिता सकें, बच्चों को अपने इतिहास के बारे में सिखा सकें और अपने स्थानीय स्थलों पर गर्व कर सकें?” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में शादी करने का अपना अलग सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व है.
यहां पूर्वजों की मिट्टी आशीर्वाद देती है. उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को शादियों के लिए आदर्श जगह बताते हुए वहां विशेष व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया. पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वहां शादी करने वालों को सरदार वल्लभभाई पटेल का आशीर्वाद भी मिलेगा.
विदेशी मुद्रा बचाने की अपील
यह आग्रह प्रधानमंत्री के उस बड़े अभियान का हिस्सा है जिसमें उन्होंने लोगों से खर्च कम करने और मितव्ययिता अपनाने की अपील की है. इससे पहले रविवार को उन्होंने ईंधन की बचत, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही थी. उन्होंने सोने की खरीदारी को भी कुछ समय के लिए टालने की सलाह दी क्योंकि भारत सोने के आयात पर बहुत अधिक विदेशी मुद्रा खर्च करता है.
वैश्विक चुनौतियों का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड महामारी, आर्थिक मुश्किलों और पश्चिम एशिया के संघर्ष जैसी समस्याओं के कारण दुनिया भर में अनिश्चितता है. ऐसे में अनावश्यक आयात और विदेशी खर्च पर अंकुश लगाना जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि स्थिति सामान्य होने तक विदेश यात्रा और महंगे आयातित सामान पर निर्भरता कम करें.
यह फैसला और अपील देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और विदेशी मुद्रा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री का यह संदेश आम नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझने और देशहित में छोटे-छोटे बदलाव करने के लिए प्रेरित कर रहा है.


