कौन बनेगा केरल का अगला मुख्यमंत्री? कांग्रेस में CM को लेकर मंथन तेज, आज दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक

केरल में कांग्रेस गठबंधन की बड़ी जीत के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हलचल तेज हो गई है. कई वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं और हाईकमान जल्द ही नए नेतृत्व पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में जुटा है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सत्ता में वापसी तो कर चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अब भी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है. राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है और पार्टी के भीतर लगातार बैठकों का दौर जारी है. इसी बीच कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां हाईकमान नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लेने की तैयारी में जुटा है.

करीब दस साल बाद वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर करने में सफल रही कांग्रेस अब अपने सबसे अहम फैसले को लेकर सावधानी बरत रही है. पार्टी के भीतर कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिसके चलते मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगातार बना हुआ है.

दिल्ली में होगी हाईकमान के साथ अहम चर्चा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के. मुरलीधरन और वीएम सुधीरन ने पुष्टि की है कि उन्हें पार्टी हाईकमान की ओर से दिल्ली बुलाया गया है. दोनों नेता राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली बैठक में शामिल होंगे, जहां केरल के नए नेतृत्व को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा.

वीएम सुधीरन ने कहा कि हाईकमान की ओर से फोन आने के बाद वह खुद भी हैरान थे. उन्होंने बताया कि उन्हें राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर अपनी राय देने के लिए बुलाया गया है. सुधीरन के मुताबिक, वह पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी स्पष्ट राय रखेंगे. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला कब तक होगा, लेकिन पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि फैसला जल्द लिया जा सकता है.

अगले 48 घंटे में हो सकता है फैसला

कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अगले 48 घंटों में स्थिति साफ हो सकती है. उनका कहना है कि पार्टी हाईकमान जल्द ही अंतिम निर्णय लेकर नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकता है. मुरलीधरन ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही पार्टी पर्यवेक्षकों के सामने अपनी राय रख दी थी और अब भी वह उसी पर कायम हैं. 

उन्होंने साफ किया कि अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व का होगा और सभी नेताओं को उसे स्वीकार करना पड़ेगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इस बार मुख्यमंत्री के चयन में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती, क्योंकि पार्टी लंबे समय बाद इतनी बड़ी जीत हासिल कर सत्ता में लौटी है.

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कौन-कौन?

केरल विधानसभा की 140 सीटों में से 102 सीटें जीतकर UDF ने शानदार जीत दर्ज की है. इसके बाद से ही मुख्यमंत्री पद के लिए कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में बने हुए हैं. इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है. 

इसके अलावा विपक्ष के नेता वीडी सतीशान और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला भी मुख्यमंत्री पद की रेस में बताए जा रहे हैं. पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट अपने-अपने नेताओं के समर्थन में सक्रिय हैं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है ताकि किसी तरह का विवाद सामने न आए.

बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

मुख्यमंत्री के नाम पर हो रही देरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस इस समय राज्य के विकास से ज्यादा अपनी अंदरूनी राजनीति में उलझी हुई दिखाई दे रही है. बीजेपी नेता वी मुरलीधरन ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी जीत मिलने के बाद भी पार्टी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बना पा रही है. 

उनके मुताबिक, इससे साफ होता है कि कांग्रेस नेताओं का ध्यान जनता की बजाय सत्ता की राजनीति पर ज्यादा है. उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश दिया है, लेकिन इसके बावजूद सरकार गठन में देरी होना लोगों के विश्वास का अपमान माना जा रहा है.

कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती सभी गुटों को साथ लेकर चलने की है. मुख्यमंत्री के चयन में किसी भी तरह की नाराजगी भविष्य में पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है. इसी वजह से हाईकमान बेहद सावधानी के साथ फैसला लेने की कोशिश कर रहा है. अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाली बैठकों पर टिकी हुई है, जहां केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है.

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