नई दिल्ली: सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. कई दिनों की देरी और लगातार उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अंकों के सत्यापन (Verification) और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए पोर्टल शुरू कर दिया है. अब वे छात्र, जिन्हें अपने प्राप्त अंकों को लेकर किसी तरह की शंका है, आधिकारिक प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं. बोर्ड के इस फैसले से उन छात्रों को राहत मिली है जो लंबे समय से पोर्टल खुलने का इंतजार कर रहे थे. अब छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर आवश्यक होने पर अंकों के सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं.
पोर्टल शुरू होने की जानकारी CBSE ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. बोर्ड ने छात्रों को आवेदन करने से पहले पूरी प्रक्रिया समझने की सलाह दी है. इसके लिए एक विस्तृत वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें आवेदन करने के सभी चरणों को सरल तरीके से समझाया गया है. बोर्ड ने कहा है कि छात्र निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहेगी.
गौरतलब है कि यह पोर्टल पहले 29 मई को दोबारा खोला जाना था. यह सुविधा उन छात्रों के लिए उपलब्ध कराई जानी थी, जिन्हें अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मिल चुकी थी. हालांकि तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी तैयारियों को पूरा करने के लिए बोर्ड ने इसे कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया था. इसके बाद CBSE ने घोषणा की थी कि पोर्टल 1 जून से शुरू किया जाएगा. इससे पहले 19 मई से 25 मई के बीच छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया था. 26 मई के बाद यह सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी.
संशोधित व्यवस्था के अनुसार, जिन छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मिल चुकी है, वे अब किसी विशेष प्रश्न को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. यदि किसी उत्तर का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं हुआ है या अंक जोड़ने में गलती हुई है, तो छात्र संबंधित प्रश्न के लिए पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध कर सकते हैं. बोर्ड के अनुसार, प्राप्त आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के माध्यम से की जाएगी. इससे मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और सटीक बनाने में मदद मिलेगी.
सत्यापन के लिए छात्रों को प्रति उत्तर पुस्तिका 500 रुपये का शुल्क देना होगा. वहीं, पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये निर्धारित किया गया है. CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने के बाद सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की विंडो कम से कम दो दिनों तक खुली रहेगी, ताकि छात्र बिना जल्दबाजी के आवेदन कर सकें.
छात्रों के हित में बोर्ड ने एक अहम फैसला भी लिया है. यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो उससे ली गई री-इवैल्युएशन फीस वापस कर दी जाएगी. इस निर्णय का छात्रों और अभिभावकों ने स्वागत किया है क्योंकि इससे छात्रों को निष्पक्ष मूल्यांकन का भरोसा मिलता है.
री-इवैल्युएशन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले छात्रों को अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करनी होगी. इसके बाद उत्तर पुस्तिका को ध्यानपूर्वक जांचना चाहिए. यह देखना जरूरी है कि कोई उत्तर छूटा तो नहीं है, अंक जोड़ने में कोई गलती तो नहीं हुई है, कोई पेज गायब तो नहीं है या मूल्यांकन में कोई त्रुटि तो नहीं हुई. यदि अंक जोड़ने या रिकॉर्डिंग में गलती दिखाई देती है, तो सत्यापन के लिए आवेदन किया जा सकता है. वहीं, यदि किसी विशेष प्रश्न में अपेक्षा से कम अंक दिए गए हैं या मूल्यांकन में त्रुटि महसूस होती है, तो उस प्रश्न के लिए पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुना जा सकता है. First Updated : Tuesday, 02 June 2026