NEET स्कोरकार्ड में कम आए नंबर? OMR से पहले इन 5 बातों की जरूर करें जांच

NEET-UG रिजल्ट के बाद कुछ छात्रों ने OMR शीट और स्कोरकार्ड के अंकों में अंतर होने का दावा किया है, जबकि NTA ने वायरल OMR शीट्स में कुछ के फर्जी या AI से तैयार होने की आशंका जताई है.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है. बता दें, रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि उनकी OMR रिस्पॉन्स शीट के आधार पर निकाले गए अंक और आधिकारिक स्कोरकार्ड में दर्ज अंकों के बीच बड़ा अंतर है. इसके साथ कई छात्रों का कहना है कि उनके अनुमानित स्कोर की तुलना में परिणाम में काफी कम अंक दिखाए गए हैं. वहीं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने ऐसे दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही कुछ OMR शीट फर्जी या AI की मदद से तैयार की गई हो सकती हैं, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है. 

OMR शीत का आंसर-की से करें मिलान 

वहीं  इस मामले को लेकरर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले छात्रों को अपनी OMR शीट और NTA की फाइनल आंसर-की का सावधानी से मिलान करना चाहिए. अक्सर छात्र प्रोविजनल आंसर-की के आधार पर अंक जोड़ लेते हैं, जबकि आपत्तियों के निपटारे के बाद फाइनल आंसर-की में कई उत्तर बदले जा सकते हैं. इसके अलावा अगर किसी प्रश्न को परीक्षा से हटाया जाता है, तो उसके अंक निर्धारित नियमों के अनुसार दिए जाते हैं, जिससे कुल स्कोर में बदलाव हो सकता है.

छोटी-छोटी गलतियां बन सकती है अंतर की वजह 

OMR शीट भरते समय हुई छोटी-सी गलती भी अंकों में अंतर का कारण बन सकती है. अगर किसी प्रश्न का गोला अधूरा भरा गया हो, एक से अधिक विकल्प भर दिए गए हों या स्कैनिंग के दौरान उत्तर स्पष्ट न दिखा हो, तो उत्तर गलत माना जा सकता है. कई बार छात्र नेगेटिव मार्किंग की सही गणना भी नहीं कर पाते, जिससे अनुमानित और वास्तविक अंकों में अंतर दिखाई देता है.

अंक में अंतर होने पर क्या करें 

अगर फाइनल आंसर-की से मिलान करने के बाद भी 20 या उससे अधिक अंकों का अंतर नजर आता है, तो छात्र आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले OMR रिस्पॉन्स शीट, फाइनल आंसर-की, स्कोरकार्ड और अपने गणना संबंधी विवरण जैसे सभी जरूरी दस्तावेज एकत्र करने चाहिए. इसके बाद NTA के शिकायत निवारण पोर्टल या आधिकारिक ईमेल के माध्यम से पूरी जानकारी और प्रमाणों के साथ शिकायत भेजी जा सकती है.

अगर निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं मिलता है, तो छात्र सूचना का अधिकार (RTI) के तहत अपनी मूल OMR शीट और संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी मांग सकते हैं. इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर कानूनी विकल्प भी अपनाया जा सकता है. 

NTA की आधिकारिक वेबसाइट करें भरोसा 

विशेषज्ञों की सलाह है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद छात्र NEET काउंसलिंग की प्रक्रिया समय पर पूरी करें. अगर बाद में अंकों में संशोधन होता है, तो उसका लाभ काउंसलिंग प्रक्रिया में मिल सकता है. इसके साथ ही किसी भी तरह की फर्जी OMR शीट या अप्रमाणित दावों से बचें और केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें. 

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