नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं. इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों को मूल्यांकन प्रक्रिया पर अधिक भरोसा दिलाना और उनकी शंकाओं को दूर करना है. नई व्यवस्था के तहत छात्रों को अब पहले से अधिक अधिकार और जानकारी मिलेगी.
CBSE का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यदि किसी छात्र के अंकों में पुनर्मूल्यांकन या सत्यापन के बाद कोई बदलाव नहीं होता, तब भी उसे अपनी उत्तरपुस्तिका देखने का अवसर मिलेगा. इच्छुक छात्र संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर अपनी कॉपी का निरीक्षण कर सकेंगे. इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन सही तरीके से हुआ है या नहीं.
बोर्ड को हर साल छात्रों की ओर से कई शिकायतें प्राप्त होती हैं. कुछ छात्र दावा करते हैं कि उनकी कॉपी का कोई पन्ना जांचा नहीं गया, अतिरिक्त शीट नहीं जोड़ी गई या किसी उत्तर को अंक नहीं मिले. ऐसी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए CBSE ने उत्तरपुस्तिका निरीक्षण की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है.
नई गाइडलाइन के अनुसार यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं तो संबंधित विषय के लिए जमा की गई फीस वापस कर दी जाएगी. इसके साथ ही छात्र को संशोधित परिणाम और नई मार्कशीट भी उपलब्ध कराई जाएगी. इससे सही शिकायत करने वाले छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा.
CBSE ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या पहले जैसे बने रह सकते हैं. यदि जांच के बाद अंक कम हो जाते हैं तो संशोधित अंक ही अंतिम माने जाएंगे. बोर्ड का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल सही मूल्यांकन सुनिश्चित करना है.
जिन छात्रों के अंकों में बदलाव हुआ है, उनकी संशोधित मार्कशीट चरणबद्ध तरीके से डिजिलॉकर पर अपलोड की जा रही है. यह मार्कशीट प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए पूरी तरह मान्य होगी.
पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए आवेदन करने वाले छात्र डिजिलॉकर पर अपना परिणाम देख सकते हैं. यदि परिणाम के सामने "Updated" लिखा है तो अंक बदल गए हैं, "No Change" का अर्थ है कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि "Under Process" का मतलब है कि आवेदन पर अभी कार्रवाई जारी है. First Updated : Tuesday, 23 June 2026