नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (UG) दाखिला प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से चल रही है. हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में छात्र DU में प्रवेश पाने की दौड़ में शामिल हैं. विश्वविद्यालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.90 लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि 1.64 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स का चयन भी कर चुके हैं. इसी के साथ विश्वविद्यालय ने छात्रों को आवेदन में हुई गलतियों को सुधारने का एक और मौका भी दिया है.
दिल्ली विश्वविद्यालय के मुताबिक, कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत अब तक कुल 1,90,645 छात्रों ने UG प्रवेश के लिए आवेदन किया है. इनमें से 1,64,098 अभ्यर्थियों ने दूसरे चरण (Phase-II) की प्रक्रिया पूरी करते हुए कॉलेज और कोर्स की अपनी प्राथमिकताएं (Preferences) भी भर दी हैं. विश्वविद्यालय का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है. ऐसे में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय सभी जरूरी प्रक्रियाएं समय रहते पूरी कर लें.
जिन छात्रों से आवेदन फॉर्म भरते समय कोई गलती हो गई है, उनके लिए विश्वविद्यालय ने Correction Window शुरू की है. उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं. यह सुविधा शनिवार रात 11:59 बजे तक उपलब्ध रहेगी. विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे सुधार करने के बाद अपने आवेदन की दोबारा जांच जरूर करें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो.
इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के 69 कॉलेजों और विभागों में संचालित 73 स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा. इसके लिए कुल 71,624 सीटें उपलब्ध हैं. इसके अलावा BA कार्यक्रम के तहत करीब 150 अलग-अलग विषय संयोजन भी छात्रों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं. विश्वविद्यालय ने सभी सीटों का विस्तृत विवरण अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिया है, ताकि छात्र अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार सही विकल्प चुन सकें.
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने हाल ही में आयोजित एक वेबिनार में छात्रों को सलाह दी कि वे सब्जेक्ट मैपिंग और कॉलेज-कोर्स की प्राथमिकताएं बेहद सोच-समझकर भरें. DU ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद सभी विकल्प अपने आप लॉक हो जाएंगे. इसके बाद किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होगा. इसलिए छात्र अंतिम सबमिशन से पहले अपनी सभी प्राथमिकताओं की अच्छी तरह जांच कर लें.
खेल, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी (ECA) और अन्य सुपरन्यूमेरी श्रेणियों के तहत होने वाले दाखिले भी छात्रों द्वारा भरी गई प्राथमिकताओं के अनुसार ही किए जाएंगे. इसलिए इन श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए भी सही क्रम में विकल्प भरना बेहद जरूरी माना जा रहा है.
दिल्ली विश्वविद्यालय 16 जुलाई को UG प्रवेश की पहली Seat Allocation List जारी करेगा. जिस छात्र को सीट मिलेगी, उसे निर्धारित समय के भीतर प्रवेश स्वीकार करना होगा और फीस जमा करनी होगी. इसके बाद छात्र चाहे तो अपनी सीट Freeze कर सकता है या बेहतर कॉलेज और कोर्स की उम्मीद में Upgrade का विकल्प चुन सकता है. अपग्रेड का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को अगले राउंड से पहले अपनी उच्च प्राथमिकताओं का क्रम बदलने की भी अनुमति मिलेगी.
इस बार फीस भुगतान को और आसान बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने Virtual Wallet की सुविधा शुरू की है. अगर कोई छात्र पहले राउंड में फीस जमा कर देता है और बाद में उसे किसी दूसरे कॉलेज या कोर्स में अपग्रेड मिल जाता है, तो पहले जमा की गई फीस अपने आप नई सीट पर समायोजित हो जाएगी. इससे छात्रों को दोबारा भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल होगी. विश्वविद्यालय का लक्ष्य 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले प्रवेश प्रक्रिया के शुरुआती दो चरण पूरे करना है.
UG एडमिशन के साथ-साथ दिल्ली विश्वविद्यालय ने दो वर्षीय PG पाठ्यक्रमों की तीसरी सीट आवंटन सूची भी जारी कर दी है. इसमें नियमित PG कोर्सों के अलावा MFA, B.P.Ed, M.P.Ed और म्यूजिक जैसे प्रदर्शन आधारित पाठ्यक्रम भी शामिल हैं. इस चरण में कुल 1,765 नए सीट आवंटन किए गए हैं. इनमें 1,551 नियमित PG पाठ्यक्रमों और 214 प्रदर्शन आधारित कोर्सों के लिए हैं. वहीं 5,848 उम्मीदवार अपनी सीट पहले ही फ्रीज कर चुके हैं.
इसके अलावा विश्वविद्यालय ने बताया कि NEP 2020 और UGCF 2022 के तहत शुरू किए गए एक वर्षीय PG कार्यक्रम में अब तक 8,823 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. वहीं, BTech प्रवेश की दूसरी सीट आवंटन सूची भी जारी कर दी गई है और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम के लिए मेरिट आधारित स्पॉट एडमिशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. First Updated : Saturday, 11 July 2026