NEET UG Exam 2026: 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा रद्द, पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
NTA ने NEET-UG परीक्षा जो कि 3 मई को आयोजित हुई थी, उसे पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. साथ ही सरकार ने CBI को पूरा मामला सौंप दी है.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. 3 मई 2026 को हुई परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 10 मई को आधिकारिक घोषणा कर यह जानकारी दी.
सरकार ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कठोर फैसला लिया है. परीक्षा को नए सिरे से अधिसूचित तारीखों पर दोबारा आयोजित किया जाएगा.
CBI जांच के आदेश
केंद्र सरकार ने पेपर लीक के पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. NTA ने स्वतंत्र जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मामले सौंपे थे. CBI अब इस बड़े घोटाले की गहन जांच करेगी.
In continuation of its press release dated 10 May 2026, the National Testing Agency wishes to inform candidates, parents, and members of the public of the following decisions taken in respect of NEET (UG) 2026. NTA had, on 8 May 2026, referred the matters then under consideration…
— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 12, 2026
पेपर लीक के आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की विशेष जांच टीम (SOG) ने पेपर लीक के मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है. मनीष यादव और राकेश मांडवरिया को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में इनके बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है.
छात्रों और अभिभावकों पर असर
यह फैसला लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ा झटका है. NEET UG चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण द्वार माना जाता है. परीक्षा रद्द होने से छात्रों की मेहनत प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार का कहना है कि नई परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी. NTA ने सभी उम्मीदवारों, अभिभावकों और जनता से धैर्य रखने की अपील की है. नई परीक्षा की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी.
NTA का बयान
NTA ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है. एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वह निष्पक्ष परीक्षाओं के संचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
यह पूरा मामला देश भर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है. CBI की जांच से उम्मीद है कि दोषियों तक पहुंचा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा.


