विजय थलापति की जीत बनी सिनेमा की असली ताकत,संदीप रेड्डी के बयान पर गरमाया माहौल
विजय थलापति और उनकी पार्टी को कल बड़ी जीत मिली. संदीप रेड्डी ने विजय थलापति और उनकी पार्टी को बधाई दी. संदीप ने लिखा कि यह सिनेमा की ताकत को दिखाता है. पार्टी को उनकी सफलता पर बधाई दी

संदीप रेड्डी वांगा ने विजय थलापति और उनकी पार्टी को बधाई देते हुए एक ट्वीट किया जिस पर जनता की ओर से अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कई लोगों का तर्क है कि विजय की जीत के पीछे सिनेमा वजह नहीं है. विजय थलापति की पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एक बड़ी जीत हासिल की है.
उनके साथी कलाकार इस जीत पर विजय को बधाई दे रहे हैं. ऐसा ही एक ताजा ट्वीट संदीप रेड्डी वांगा की ओर से आया है. संदीप ने लिखा कि यह सिनेमा की ताकत को दिखाता है. सिस्टम को हिला देने की उसकी क्षमता को उन्होंने विजय और उनकी पार्टी को उनकी सफलता पर बधाई दी.
संदीप ने दमदार पोस्ट लिखी
संदीप की टिप्पणियों के जवाब में लोग अपने विचार साझा कर रहे हैं. कई लोगों ने लिखा है कि यह सिर्फ सिनेमा की ताकत नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर विजय के काम का नतीजा है. वहीं, कुछ लोग लिख रहे हैं कि तमिल लोगों को विजय को चुनने के अपने फैसले पर बाद में पछतावा होगा.
संदीप रेड्डी ने लिखा "सिनेमा लोगों को जगा सकता है, सिस्टम को हिला सकता है और महज मौजूदगी को ताकत में बदल सकता है. सिनेमा पर्दे से बाहर निकलकर जमीनी हकीकत पर अपनी पकड़ बनाता है. कोई शोर-शराबा नहीं, कोई दिखावा नहीं बस शुद्ध, असली ताकत... विजय सर और ' तमिलगा वेत्री कझगम ' को मेरी दिल से बधाई."
विजय की बड़ी जीत
इस पोस्ट पर उन लोगों की टिप्पणियां भी आई हैं जो संदीप रेड्डी वांगा के नज़रिए से सहमत नहीं हैं. एक यूजर ने लिखा "अगर सिनेमा में सचमुच इतनी ताकत होती, तो आपको क्या लगता है कि चिरंजीवी और कमल हासन के लिए यह काम क्यों नहीं किया? मेरा मानना है कि तमिलनाडु में अभी हालात अलग हैं, जहां लोग बदलाव की ज्यादा जोरदार इच्छा जाहिर कर रहे हैं."
यूजर ने क्या लिखा
एक और टिप्पणी में लिखा था "जमीनी स्तर पर उनके चाहने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है, यह उन्होंने 20 सालों में बनाया है, न कि रातों-रात हासिल किया है." एक और यूजर ने लिखा "वह एक रीढ़ वाले इंसान हैं बाकियों की तरह नहीं." एक यूजर ने लिखा "कोई भी एक्टर चाहे वह आज का हो या भविष्य का वैसा राजनीतिक असर पैदा नहीं कर सकता जैसा विजय ने किया है.
सभी टिप्पणियां विजय के समर्थन में नहीं हैं. एक यूजर ने टिप्पणी की "एक्टिंग करने और जमीनी स्तर पर काम करने में बहुत बड़ा फर्क होता है. विजय को एक अनुभवी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की जरूरत है, अगर ऐसा नहीं है, तो उनके पास कोई मार्गदर्शक होना चाहिए."
सिनेमा के मुकाबले राजनीति बिल्कुल ही अलग खेल
तमिलनाडु के लोगों को जल्द ही अपनी गलती का एहसास हो जाएगा." विजय थलापति ने अपने करियर के बिल्कुल शिखर पर होते हुए फिल्म इंडस्ट्री को पीछे छोड़कर राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा है. जनता ने उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया है. विजय की नई बनी पार्टी ने AIADMK और DMK जैसी बड़ी राजनीतिक ताकतों को हरा दिया है.


