एस.एस. राजामौली के निर्देशन में बन रही बिग बजट फिल्म SSMB29 की शूटिंग ज़ोरों पर है और लीड एक्टर महेश बाबू शूटिंग में पूरी तरह व्यस्त हैं. जल्द ही इस फिल्म के अगले शेड्यूल में प्रियंका चोपड़ा भी जुड़ने जा रही हैं. इसी दौरान महेश बाबू को एक कानूनी विवाद ने घेर लिया है. उन्हें रंगारेड्डी जिला उपभोक्ता फोरम की ओर से नोटिस जारी किया गया है.
दरअसल, महेश बाबू ने रियल एस्टेट कंपनियों Surana Group और साईसूर्या डेवलपर्स का प्रमोशन किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए उन्हें करीब 5.9 करोड़ रुपये की रकम मिली थी. लेकिन अब इसी एंडोर्समेंट के चलते एक विवाद में उनका नाम आ गया है.
एक महिला डॉक्टर ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई है कि महेश बाबू के विज्ञापन देखकर उन्होंने डेवलपर की स्कीम में भरोसा किया और 34.80 लाख रुपये प्रति प्लॉट के हिसाब से निवेश किया. हालांकि, पूरा भुगतान करने के बाद भी उन्हें कोई प्लॉट नहीं मिला. महिला का आरोप है कि जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो सिर्फ 15 लाख रुपये लौटाए गए.
इस मामले में पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू की थी और कंपनियों के ऑफिस व सीनियर अफसरों के घरों पर छापेमारी की थी. जांच के लिए महेश बाबू को भी बुलाया गया था, लेकिन वह ईडी के सामने पेश नहीं हुए. अब उपभोक्ता फोरम ने उन्हें 8 जुलाई 2025 तक वकील के साथ पेश होने का निर्देश दिया है.
महेश बाबू इस समय एसएसएमबी29 की शूटिंग में व्यस्त हैं. फिल्म का अगला शेड्यूल काफी अहम है और इसमें एक बड़ा सीन शूट होना है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वो पेशी के लिए वापस लौटेंगे या नहीं? यह अब तक स्पष्ट नहीं है.
महेश बाबू और राजामौली फिलहाल एक 1000 करोड़ के बजट वाली फिल्म को लेकर व्यस्त हैं, लेकिन इस रियल एस्टेट विवाद ने अभिनेता के लिए कानूनी पेचीदगियां बढ़ा दी हैं. अब देखना यह है कि मामला कानूनी रूप से कैसे सुलझता है और क्या महेश बाबू कोर्ट में पेश होते हैं? First Updated : Monday, 07 July 2025