BBC Documentary : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस, 3 हफ्ते में मांगा जवाब

गुरुवार 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बैन में दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार से नोटिस जारी कर 3 हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है।

Nisha Srivastava

BBC Documentary Row : गुरुवार 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बैन में दायर याचिका पर सुनवाई की। हिंदु सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता और किसान बीरेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। बीबीसी डॉक्यूमेंट्री साल 2002 में गुजरात में सिख दंगों की घटना पर पूरी डॉक्यूमेंट्री है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर बैन हटाने से मना कर दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से नोटिस जारी कर 3 हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है।

कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार अगली सुनवाई से पहले बीबीसी की डॉक्युमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' पर बैन से जुड़ी पूरा ऑरिजिनल रिकॉर्ड दे। आपको बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सनवाई करने से इनकार कर दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी को इस मामले की सनवाई की थी। तब अदालत ने 2002 के गुजरात दंगों पर बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को बैन करे वाली याचिका पर 6 फरवरी को सुनवाई करने को कहा था।

BBC डॉक्यूमेंट्री को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए। इस डॉक्यूमेंट्री पर आरोप है कि यह डॉक्यूमेंट्री भारत के विरुद्ध भेदभावपूर्ण बनाई गई है। इसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की छवि को गलत दिखाया गया है। इसको लेकर देश में बवाल हो रहा है। बीबीसी डॉक्यूमेंट्री साल 2002 में गुजरात दंगों पर आधारित है। जिसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कई दावे किए गए हैं।

जिसको लेकर केंद्र सरकार ने इसे सोशम मीडिया और ऑनलाइन चैनलों को प्रसारित करने पर बैन कर दिया था। बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बैन के खिलाफ वरिष्ठ पत्रकार एन. राम, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag