राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार को दोनों मामलों पर पारदर्शिता दिखानी चाहिए और सदन को विस्तृत जानकारी देनी चाहिए.
खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दोषी अब तक न तो पकड़े गए हैं और न ही उन्हें मारा गया है. उन्होंने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग की. खड़गे का कहना था कि सभी दलों ने सरकार को आतंकवाद से लड़ाई में बिना शर्त समर्थन दिया है, इसलिए अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सदन को जवाब दे कि अब तक इस ऑपरेशन में क्या प्रगति हुई है.
विपक्ष के नेता ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर भी चिंता जताई, जिसमें उन्होंने यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम उन्हीं की मध्यस्थता का नतीजा था. खड़गे ने कहा कि यह दावा 24 बार दोहराया गया है, जो भारत की संप्रभुता और गरिमा के लिए अपमानजनक है. उन्होंने सरकार से इस पर आधिकारिक रुख स्पष्ट करने को कहा.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खड़गे की बातों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले जिम्मेदार तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकि, विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.
इससे पहले, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने भी पहलगाम आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि यह हमला न केवल सुरक्षा व्यवस्था में चूक को उजागर करता है, बल्कि इसके पीछे की जांच और कार्रवाई को लेकर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है. गोगोई ने ट्रंप के बयान को भारतीय सेना की बहादुरी पर प्रश्नचिह्न की तरह बताया.
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त, 2025 तक चलेगा. इस दौरान विपक्ष सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी में है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आतंकी घटनाएं प्रमुख विषय होंगे.
First Updated : Monday, 21 July 2025