नई दिल्ली: नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम वित्तीय नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं. हर साल की तरह इस बार भी 1 अप्रैल से ऐसे कई नए नियम प्रभावी हुए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा.
इन बदलावों में इनकम टैक्स, सैलरी स्ट्रक्चर, रेलवे टिकट, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और PAN कार्ड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं. ऐसे में इन नियमों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि आप अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर तरीके से कर सकें.
इस वित्तीय वर्ष से नया इनकम टैक्स कानून लागू किया गया है, जिसने पुराने सिस्टम की जगह ले ली है. अब टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह एक ही 'टैक्स ईयर' लागू किया गया है.
साथ ही, ITR-3 और ITR-4 फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है.
नए लेबर कोड लागू होने की स्थिति में कर्मचारियों की सैलरी संरचना बदल सकती है. नियमों के अनुसार, कुल वेतन का 50% हिस्सा बेसिक पे होना अनिवार्य होगा.
इससे भविष्य निधि (PF) में योगदान बढ़ेगा, लेकिन हर महीने हाथ में मिलने वाली सैलरी कम हो सकती है. हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी का सीधा फायदा ग्रेच्युटी पर भी पड़ेगा. इसका मतलब है कि नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के समय मिलने वाली रकम पहले से ज्यादा हो सकती है.
4. FASTag हुआ महंगा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag के वार्षिक पास की कीमत बढ़ा दी है. अब इसकी कीमत 3,000 रुपये से बढ़कर 3,075 रुपये हो गई है.
यह पास गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है और इसका उपयोग लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है.
भारतीय रेलवे ने टिकट रद्द करने के नियमों में बदलाव किया है. अब रिफंड इस बात पर निर्भर करेगा कि टिकट कितने समय पहले कैंसिल किया गया है.
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा. इसके बाद कोई रिफंड नहीं मिलेगा.
साथ ही, ई-टिकट कैंसिल करने पर पैसा सीधे खाते में वापस आ जाएगा और अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं.
अब PAN कार्ड बनवाने के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा. 1 अप्रैल 2026 से आवेदन के समय अन्य दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या मजिस्ट्रेट का हलफनामा देना अनिवार्य होगा.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों के अनुसार, अब बैंकों को हर सप्ताह लोन से जुड़ी जानकारी अपडेट करनी होगी. इससे आपका क्रेडिट स्कोर पहले की तुलना में जल्दी अपडेट होगा.
शेयर बाजार से खरीदे गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर अब 12.5% टैक्स लगेगा. हालांकि, RBI से सीधे खरीदे गए बॉन्ड को मैच्योरिटी तक रखने पर टैक्स छूट जारी रहेगी.
अब एटीएम से सीमित संख्या में ही फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे. इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर शुल्क देना होगा.
उदाहरण के तौर पर, HDFC बैंक के एटीएम से पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन के बाद UPI कैश विद्ड्रॉल पर प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये चार्ज लिया जाएगा.
डिजिटल पेमेंट सिस्टम में अब सुरक्षा को और मजबूत किया गया है. हर ट्रांजैक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है.
अब केवल OTP से पेमेंट पूरा नहीं होगा, बल्कि OTP के साथ PIN, पासवर्ड या फिंगरप्रिंट का उपयोग भी जरूरी होगा.
1 अप्रैल 2026 से लागू ये सभी बदलाव आपकी सैलरी, खर्च और निवेश से जुड़े फैसलों को सीधे प्रभावित करेंगे. ऐसे में इन नियमों की सही जानकारी रखना आपके लिए बेहद जरूरी है. First Updated : Wednesday, 01 April 2026