10 सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर, ऑडियो नोट्स और 11 गिरफ्तारियां...दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट हिंसा मामले में जांच की तेज
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए. पुलिस ने 11 लोग और एक नाबालिग गिरफ्तार किए. झूठी सोशल मीडिया अफवाहों ने भीड़ को भड़काया और हिंसा बढ़ाई.

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई झड़प और पत्थरबाजी की जांच तेज कर दी है. मंगलवार और बुधवार की रात हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके गए और पांच अधिकारी घायल हुए. पुलिस ने अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है.
सोशल मीडिया की भूमिका
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल गिरफ्तारी संख्या 11 हो गई. पहले गिरफ्तार किए गए छह लोगों की पहचान अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अथर और उबेद के रूप में हुई थी, जो तुर्कमान गेट इलाके के निवासी हैं. इसके अलावा, अदालत ने पांच अन्य आरोपियों मोहम्मद आरिब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा.
दिल्ली पुलिस ने 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भी पहचान की है, जिन पर झूठी खबरें और अफवाहें फैलाने का आरोप है. इनमें से एक महिला इन्फ्लुएंसर को पूछताछ के लिए बुलाया गया. पुलिस ने बताया कि व्हाट्सएप पर वायरल ऑडियो संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट ने क्षेत्र में भय और हिंसा को बढ़ावा दिया.
अदालत का आदेश
तुर्कमान गेट इलाके में यह अतिक्रमण विरोधी अभियान हाईकोर्ट के आदेश के तहत चलाया गया था. अभियान का उद्देश्य मस्जिद के आसपास फैले अतिक्रमण हटाना और सार्वजनिक मार्गों को मुक्त करना था. फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अभियान के दौरान कुछ भोज कक्ष, निजी निदान केंद्र, हज यात्री ठहरने के कमरे, फुटपाथ और कार पार्क ध्वस्त किए गए.
झूठी अफवाहों से हुई हिंसा
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह झूठा दावा फैलाया गया कि मस्जिद को ध्वस्त किया जा रहा है. इस अफवाह के कारण लगभग 200 लोग जमा हो गए और उन्होंने पुलिस और नगर निगम कर्मियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी. पुलिस ने इसे उपद्रव बताया और कहा कि झूठी खबरों ने हिंसा को भड़काया.
मेयर का बयान
दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने जामा मस्जिद और आसपास के इलाकों में अतिक्रमणों के सर्वेक्षण का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि जूनियर इंजीनियरों और निरीक्षकों सहित संबंधित विभाग नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे. तुर्कमान गेट में मलबा हटाने का काम नगर निगम की टीम द्वारा सावधानीपूर्वक किया जा रहा है और इसे अगले दो-तीन दिनों में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस की बयानबाजी का खंडन किया. उनका कहना है कि पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, और पत्थरबाजी केवल इसका जवाबी हमला था.


