नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए करीब 90 छात्रों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से अधिकांश को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. वहीं, 20 वर्षीय एक छात्रा की हालत गंभीर होने के कारण उसे राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान वह बैरिकेड से टकराकर घायल हो गई थी.
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई थी. प्रदर्शनकारी NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. वहीं दिल्ली पुलिस का दावा है कि हिंसा के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और कई सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया.
मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आरएमएल अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली और बाद में CJP नेती से भी मुलाकात की. बता दें, बीते दिन सीजीपी नेताओं द्वारा जेपी नड्डा के सामने सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांगे रखी गई थी. हालांकि इस दौरान नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की और बातचीत से हल निकालने के लिए कहा.
हिंसा के बावजूद मंगलवार को भी प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पर जुट हुए है. पुलिस द्वारा हटाए गए टेंट और मंच के बाद भी आंदोलन जारी रहा है. वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त तैनाती की गई है.
उधर, कांग्रेस ने भी छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला है और प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या घायल हुए लोगों के लिए कानूनी सहायता देने की घोषणा की है. वहीं, दिल्ली पुलिस हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अब तक कई एफआईआर दर्ज कर चुकी हैं और आगे की जांच जारी है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और छात्रों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं. First Updated : Tuesday, 21 July 2026