नई दिल्ली: भारतीय सैन्य इतिहास में अदम्य साहस और शौर्य की मिसाल बने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर एक बड़ा और भावुक कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया है. इस ऐतिहासिक सैन्य ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान समर्थित आतंकियों और पाक सेना के दांत खट्टे करने वाले देश के 6 वीर सपूतों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए गए हैं.
पाकिस्तान घुटने टेकने पर मजबूर
इस ऑपरेशन में भारतीय जवानों के प्रचंड प्रहार के आगे पाकिस्तान घुटने टेकने पर मजबूर हो गया था और उसने युद्धविराम (सीजफायर) की गुहार लगाई थी. देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए लड़ते-लड़ते सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन वीरों को सरकार द्वारा वीरता पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिसमें राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत 'वीर चक्र' और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को 'वायु पदक' से सम्मानित किया गया है.
नेशनल वॉर मेमोरियल की विशेष ईंटों पर अंकित हुए नाम
शहीदों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए सरकार ने इन सभी जांबाजों के नाम और उनकी सैन्य यूनिट का पूरा विवरण 'नेशनल वॉर मेमोरियल' (राष्ट्रीय समर स्मारक) की आधिकारिक वेबसाइट पर शामिल कर दिया है. इसके साथ ही, स्वतंत्रता के बाद देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले बलिदानियों को समर्पित वॉर मेमोरियल के 'त्याग चक्र' में प्रत्येक शहीद के नाम को एक विशेष ईंट पर सुनहरे अक्षरों में अंकित किया जाएगा. हाल ही में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक गरिमामयी समारोह के दौरान वीर चक्र विजेता राइफलमैन सुनील कुमार के परिजनों को यह सर्वोच्च सम्मान सौंपकर उनकी शहादत को नमन किया.
जानिए किन-किन मोर्चों पर तैनात थे ये देश के रक्षक
ऑपरेशन सिंदूर में अलग-अलग मोर्चों पर कमान संभालने वाले इन जांबाजों में थलसेना से लेकर वायुसेना के जवान शामिल थे.
सूबेदार मेजर पवन कुमार
ये मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड में तैनात रहकर रणनीतिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र, मरणोपरांत)
इन्होंने 4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री की ओर से दुश्मनों का डटकर मुकाबला किया.
लांस नायक दिनेश कुमार
ये 5 फील्ड रेजिमेंट का हिस्सा थे और अग्रिम मोर्चे पर डटे रहे.
अग्निवीर मूल मुरली नायक
इन्होंने 851 लाइट रेजिमेंट की तरफ से दुश्मनों पर भारी गोलाबारी की.
हवलदार सुनील कुमार सिंह
ये 237 फील्ड वर्कशॉप में अपनी तकनीकी और युद्ध कौशल की सेवाएं दे रहे थे.
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (वायु पदक)
भारतीय वायुसेना की 39 विंग के इस जांबाज ने हवाई मोर्चे पर पराक्रम दिखाया.
घर में घुसकर तबाह किए थे आतंकी ठिकाने
सुरक्षा दस्तावेजों के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सेना ने सीमा पार चल रहे कई खतरनाक आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था और दर्जनों आतंकियों को मार गिराया था. इस ताबड़तोड़ सैन्य कार्रवाई से बौखलाई पाकिस्तानी सेना ने जब सीधे संघर्ष का रास्ता चुना, तो भारतीय रणबांकुरों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर तबाही मचा दी. पाक जनरलों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए और अपनी पूरी पलटन को घिरता देख आखिरकार पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय पटल पर सीजफायर की भीख मांगनी पड़ी, जिसके बाद ही यह भीषण सैन्य संघर्ष थमा था. First Updated : Friday, 26 June 2026