केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में भारत टैक्सी के टैक्सी ड्राइवरों से मुलाकात की और उनकी नई शुरू हुई राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म को लेकर उठे सवालों का विस्तार से जवाब दिया. शाह ने ड्राइवरों को पूर्ण भरोसा दिलाया कि यह पहल उनके कल्याण और आर्थिक मजबूती के लिए बनाई गई है, न कि अन्य कंपनियों की तरह बड़े मुनाफे की होड़ में. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी में ड्राइवर ही असली मालिक होंगे और उनकी मेहनत का ज्यादातर फायदा उन्हीं तक पहुंचेगा.
5 फरवरी को लॉन्च हुई भारत टैक्सी भारत की पहली सरकारी समर्थित सहकारी राइड-हेलिंग ऐप है, जिसे अमूल, आईएफएफसीओ और नाबार्ड का मजबूत समर्थन प्राप्त है. यह ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल पर आधारित है, जहां पारदर्शिता, निष्पक्षता और ड्राइवरों की आय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. शाह ने ड्राइवरों से शुरुआती तीन साल धैर्य रखने की अपील की, ताकि प्लेटफॉर्म देश के कई राज्यों में विस्तार कर सके.
अमित शाह ने कहा कि कमाई का 80% हिस्सा ड्राइवरों को ही मिलेगा. उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म का मकसद निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था बनाना है. यहां कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा, सिर्फ नाममात्र सदस्यता शुल्क होगा. सर्ज प्राइसिंग पूरी तरह बंद रहेगी और किराया स्पष्ट रूप से तय किया जाएगा.
पिछली राइड-हेलिंग कंपनियों को लेकर ड्राइवरों की चिंताओं का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि पहले आपकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा उन कंपनियों के मालिकों के पास जाता था. भारत टैक्सी के साथ, आप खुद मालिक हैं. मेहनत करने वाले को ही मुनाफा मिलना चाहिए.
शाह ने बताया कि हमारा उद्देश्य मालिक को समृद्ध बनाना है. फर्क सिर्फ इतना है कि मालिक आप हैं. आपको सिर्फ 500 रुपये निवेश करने होंगे. अगर भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाती है, तो 20 प्रतिशत आपके हिस्से के रूप में कंपनी के खाते में जाएगा और बाकी 80 प्रतिशत टैक्सी संचालन के आधार पर वितरित किया जाएगा. इसका मतलब है कि किराए से होने वाली आय के अलावा, आपको मुनाफा भी मिलेगा. पहले तीन साल आपको धैर्य रखना होगा. खाते पारदर्शी रहेंगे और आप उन्हें आसानी से देख सकेंगे. यह सहकारी सिद्धांतों पर काम करेगा. भारत टैक्सी आपका शोषण नहीं करेगी. First Updated : Monday, 23 February 2026