फर्जी कोर्ट का जाल: 81 वर्षीय बुजुर्ग से ₹2.27 करोड़ की ठगी
चेन्नई में जालसाजों ने फर्जी डिजिटल कोर्ट का सहारा लेकर 81 वर्षीय बुजुर्ग से ₹2.27 करोड़ की ठगी की. धमकी और डराने की घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

चेन्नई में एक चिंताजनक साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. इसमें एक 81 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी और उनकी 78 वर्षीय पत्नी को ₹2.27 करोड़ की ठगी का शिकार बनाया गया. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. धोखाधड़ी को एक चालाक गिरोह ने अंजाम दिया. दरअसल, एक नकली डिजिटल कोर्ट का झांसा देकर बुजुर्ग दंपति को फंसाया गया. जालसाजों ने वीडियो कॉल के जरिए धमकियां दीं और ऐसा माहौल बनाया कि जैसे वे एक असली न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हों.
बुजुर्ग दंपति को बनाया निशाना
यह धोखाधड़ी लगभग दो हफ्ते पहले शुरू हुई, जब पीड़ित को एक फर्जी कॉल मिली जिसमें आरोप लगाया गया कि वह एक वित्तीय घोटाले में फंसा हुआ है. गिरोह के सदस्यों ने खुद को न्यायाधीश और कोर्ट अधिकारियों के रूप में पेश किया और वीडियो प्लेटफॉर्म के जरिए आभासी सुनवाई आयोजित की. उन्होंने नकली दस्तावेजों और आधिकारिक मुहरों का इस्तेमाल कर अपने दावे को प्रमाणित किया. भारी दबाव और गिरफ्तारी के डर से पीड़ित ने चरणबद्ध तरीके से ₹2.27 करोड़ की राशि धोखेबाजों के बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी. इस दौरान गिरोह की तकनीकी चालाकी ने धोखे और वास्तविकता के बीच की सीमा को धुंधला कर दिया, जिससे बुजुर्ग दंपति की कमज़ोरी का फायदा उठाया गया.
धोखाधड़ी के बाद दंपति को लगातार वीडियो कॉल के जरिए धमकाया जाता रहा, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ. उनकी बेटी ने इस बात का पता लगाकर चेन्नई साइबर क्राइम यूनिट को मामले की सूचना दी. पुलिस ने संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और ट्रांजेक्शन का पता लगाने में जुटी है. प्रारंभिक जांच में शक जताया जा रहा है कि यह धोखाधड़ी किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह का काम हो सकता है.
लोगों में नाराजगी
यह घटना चेन्नई समुदाय में चिंता और गुस्सा दोनों पैदा कर गई है. लोग वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर नाराजगी जता रहे हैं. पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब बुजुर्गों को साइबर खतरों से अवगत कराने और जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं. वे सभी से अपील कर रहे हैं कि किसी भी दबाव में आकर अपने वित्तीय विवरण किसी के साथ साझा न करें.


