मंडी नगर निगम में भाजपा की जीत, जानें कैसे कांग्रेस को सिर्फ 1 सीट पर समेटकर बीजेपी ने रचा इतिहास
मंडी नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 12 वार्डों में एकतरफा जीत हासिल की है. इस करारी शिकस्त के साथ भाजपा ने सूबे की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस को उसी के सियासी गढ़ में बैकफुट पर धकेल दिया है.

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले मंडी में नगर निगम चुनावों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने एकतरफा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. प्रदेश की सत्ता पर काबिज कांग्रेस को उसके ही गृह क्षेत्र में करारी शिकस्त देते हुए भाजपा ने मंडी नगर निगम के 12 वार्डों पर अपना परचम लहराया है.
भाजपा की फिर जीत
दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी महज एक-एक सीट पर ही सिमट कर रह गए. इस प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा ने एक बार फिर मंडी के स्थानीय निकाय पर अपना दबदबा साबित कर दिया है.
कहां किसने मारी बाजी?
घोषित नतीजों के अनुसार भाजपा प्रत्याशियों ने शहर के मुख्य और रणनीतिक वार्डों में शानदार प्रदर्शन किया. वार्ड नंबर 2 से सरिता हांडा ने जीत दर्ज की. वार्ड नंबर 3 से निर्मल वर्मा विजयी रहीं. वार्ड नंबर 5 से कृष्णा ठाकुर और वार्ड नंबर 6 से वीरेंद्र आर्य ने शानदार सफलता हासिल की. वार्ड नंबर 9 से सुमन और वार्ड नंबर 10 से नेहा कुमारी ने कमल खिलाया.
कांग्रेस में किसने जीत हासिल की
विपक्ष के इस तूफान के बीच कांग्रेस बड़ी मुश्किल से अपना खाता खोलने में कामयाब रही. वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस की नर्मदा देवी ने जीत हासिल की. जो उनकी पार्टी के लिए एकमात्र राहत की खबर रही. वहीं वार्ड नंबर 1 में निर्दलीय उम्मीदवार अलकनंदा हांडा ने सभी को चौंकाते हुए जीत का स्वाद चखा.
2021 के मुकाबले और मजबूत हुई भाजपा
मंडी नगर निगम के पिछले इतिहास पर नजर डालें तो साल 2021 के चुनावों में भाजपा ने 15 में से 11 वार्डों में जीत हासिल कर शहर में अपनी मजबूत नींव रखी थी. इस बार परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं. भाजपा इस चुनाव में विपक्ष की भूमिका में मैदान में उतरी थी. राज्य में कांग्रेस की सरकार है. इसके बावजूद भाजपा ने इस बार अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर 12 कर ली। जो उसके मजबूत सांगठनिक ढांचे को दर्शाता है.
जयराम ठाकुर और अनिल शर्मा की साख रही दांव पर
इस बड़ी चुनावी कामयाबी के पीछे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कड़ी मेहनत रही. जयराम ठाकुर ने खुद चुनाव की कमान संभाली और प्रत्येक वार्ड में सघन जनसंपर्क कर मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में किया. इसके साथ ही स्थानीय भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव से सीधे तौर पर जुड़ी हुई थी. मंडी क्षेत्र में शर्मा परिवार का दशकों पुराना राजनीतिक प्रभाव रहा है.
भाजपा अधिक शक्तिशाली
इस ऐतिहासिक परिणाम ने न केवल स्थानीय स्तर पर भाजपा को और अधिक शक्तिशाली बना दिया है बल्कि जिला स्तर पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को एक नई ऊर्जा प्रदान की है. विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल होने के नाते भाजपा के लिए यह जीत आगामी प्रदेश स्तरीय राजनीति के लिए एक संजीवनी की तरह काम करेगी.


