Punjab Floods: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन दौरे से लौटने के बाद सोमवार को दिल्ली पहुंचते ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने राज्य में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री मान को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हरसंभव सहायता और सहयोग उपलब्ध कराएगी.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को होशियारपुर जिले के कुछ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया. दौरे के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर राज्य सरकार के पास केंद्र के पास लंबित पड़े लगभग 60,000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की मांग की है. मान का कहना था कि इस फंड से राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सकती है.
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मान के बीच हुई बातचीत को लेकर तत्काल पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, यह माना जा रहा है कि फोन पर हुई इस बातचीत में राहत कार्यों और केंद्र सरकार से मिलने वाली संभावित सहायता पर चर्चा हुई होगी.
सोमवार तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 29 लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ ने राज्य के 10 से अधिक जिलों में कहर बरपाया है और करीब 1,000 गांव इससे प्रभावित हुए हैं. इन इलाकों में हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं, जबकि फसलों और संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है.
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि उनकी आम आदमी पार्टी सरकार बाढ़ पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ेगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को हुए नुकसान की पूरी-पूरी भरपाई करेगी. मान ने भरोसा दिलाया कि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को उनकी हानि का एक-एक पैसा लौटाया जाएगा.
इस बीच पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र इस भीषण आपदा को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है. चीमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक बाढ़ पर एक शब्द भी नहीं कहा था और न ही उन्होंने कोई ठोस कदम उठाए. उनका कहना था कि राज्य को तत्काल आर्थिक सहायता और संसाधनों की जरूरत है, लेकिन केंद्र की चुप्पी चिंताजनक है.
First Updated : Monday, 01 September 2025