8 घंटे तक पवन खेड़ा से पूछताछ के बाद, असम पुलिस ने कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को भेजा समन
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर पहले ही मानहानि व फर्जी दस्तावेज फैलाने जैसे आरोपों के तहत असम में एफआईआर दर्ज है. वहीं अब इस मामले में असम पुलिस की क्राइम ने कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को पूछताछ के लिए समन जारी करते हुए तलब किया है.

असम: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा को लेकर चला राजनितिक विवाद थमने के नाम नहीं ले रहा है. बता दें, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर पहले ही मानहानि व फर्जी दस्तावेज फैलाने जैसे आरोपों के तहत असम में एफआईआर दर्ज है. वहीं अब इस मामले में असम पुलिस की क्राइम ने कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को पूछताछ के लिए समन जारी करते हुए तलब किया है.
23 मई को पेश होने के निर्देश
जानकारी के अनुसार, सुरजेवाला को 23 मई को गुवाहाटी के जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. क्राइम ब्रांच के के इस निर्देश के बाद असम में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनितिक माहौल गरमाता नजर आ रहा है. बता दें, सुरजेवाला को यह समन इस महीने पवन खेड़ा से कई घंटों की पूछताछ बाद भेजा गया है, जिसके बाद कहा जा रहा है कि पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई है.
क्या है पूरा विवाद
बता दें, यह विवाद 2026 असम विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ. इस दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास फर्जी पासपोर्ट है. साथ ही ये भी आरोप लगाया गया कि दुबई में उनकी कई संपत्तियां है. हालांकि यह आरोप अभी तक साबित हो पाए है.
वहीं इन आरोपों राजनितिक साजिश बताते हुए सरमा और उनकी पत्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पेश किये डाक्यूमेंट्स को एआई जेनरेटेड बताया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा असम एक पुलिस स्टेशन में पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई, जिसके बाद से ही क्राइम ब्रांच द्वारा पवन खेड़ा से पूछताछ की जा रही है. खबर है इस महीने पवन खेड़ा से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की लेकिन इस पूछताछ को लेकर खेड़ा फिलहाल कोई भी टिप्पणी जानकारी नहीं दी है.
अन्य नेताओं से भी होगी पूछताछ?
इस विवाद के बाद राष्ट्रीय स्तर चर्चा जारी है. वहीं इस मामले को लेकर जांच कर रहे अधिकारीयों को कहना है कि सोशल मीडिया नैरेटिव और बयानों को लेकर भी गहराई से पड़ताल की जा रही है. जरूरत पड़ने पर कांग्रेस के अन्य नेताओं को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. वहीं अब इस मामले में एक नए चेहरे के सामने आने से ये विवाद और भी बढ़ता नजर आ रहा है.


