CBSE ने शुरू की कक्षा 12 की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया, जानें शुल्क, प्रक्रिया और अंतिम तिथि

CBSE ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस बार फीस में बड़ी कटौती की गई है और छात्रों को स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखने की सुविधा भी दी जाएगी.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के नतीजे आने के बाद हर साल हजारों छात्र अपने अंकों को लेकर असमंजस में रहते हैं. इस बार भी कई विद्यार्थियों ने उम्मीद से कम नंबर आने की शिकायत की है. खासकर नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली लागू होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल उठ रहे थे. इन्हीं चिंताओं को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर दी है. अच्छी बात यह है कि इस बार बोर्ड ने फीस में बड़ी कटौती की है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों को काफी राहत मिलेगी.

अब छात्र 19 मई से CBSE के आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं. बोर्ड का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाई गई है, ताकि छात्रों को अपने अंकों को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो.

फीस में बड़ी राहत

इस बार सीबीएसई ने सबसे बड़ा बदलाव फीस को लेकर किया है. पहले जहां मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी लेने के लिए छात्रों को 700 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब यह शुल्क घटाकर केवल 100 रुपये कर दिया गया है. इसी तरह सत्यापन के लिए पहले 500 रुपये लगते थे, लेकिन अब इसके लिए भी सिर्फ 100 रुपये ही देने होंगे.

अगर कोई छात्र किसी खास प्रश्न के अंक दोबारा जांचवाना चाहता है, तो उसके लिए प्रति प्रश्न 25 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है. बोर्ड के इस फैसले का स्वागत छात्र और अभिभावक दोनों कर रहे हैं, क्योंकि पहले ज्यादा फीस होने की वजह से कई छात्र आवेदन नहीं कर पाते थे.

कैसे करें पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन?

सीबीएसई ने आवेदन प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया है ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो.

चरण 1: स्कैन कॉपी के लिए आवेदन
सबसे पहले छात्रों को अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा.

चरण 2: उत्तरों की जांच करें
स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्र अपने उत्तरों की तुलना सीबीएसई की आधिकारिक मार्किंग स्कीम से कर सकते हैं.

चरण 3: गलती मिलने पर शिकायत दर्ज करें
अगर किसी उत्तर की जांच नहीं हुई है, अंक गलत जोड़े गए हैं या कोई अन्य गलती नजर आती है, तो छात्र उसे बोर्ड के सामने रख सकते हैं.

चरण 4: विशेषज्ञ समिति करेगी समीक्षा
छात्रों की आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों की समिति करेगी और उसके बाद अंतिम फैसला जारी किया जाएगा.

महत्वपूर्ण तारीखें याद रखें

सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी तारीखों की भी जानकारी दी है.
19 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू
22 मई से अगला चरण शुरू होगा
26 से 29 मई के बीच छात्र अपनी पुनर्जांची गई उत्तर पुस्तिकाएं देख सकेंगे
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले अपनी स्कैन कॉपी को ध्यान से जांच लें, क्योंकि समीक्षा केवल उन्हीं बिंदुओं पर की जाएगी जिन्हें छात्र द्वारा उठाया जाएगा.

क्यों चर्चा में है इस बार की प्रक्रिया?

इस साल नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू होने के बाद कई छात्रों ने दावा किया कि उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं. सोशल मीडिया पर भी छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे. ऐसे में CBSE का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है. पहली बार बोर्ड ने छात्रों को पुनर्मूल्यांकन से पहले अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका देखने की सुविधा दी है. इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कहां गलती हुई है और किस प्रश्न पर दोबारा जांच की जरूरत है.

सीबीएसई का कहना है कि पुनर्मूल्यांकन की यह प्रक्रिया छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था देने के उद्देश्य से शुरू की गई है. बोर्ड ने साफ किया कि छात्रों को पहले अपनी उत्तर पुस्तिका देखने का मौका दिया जाएगा, ताकि वे सही आधार पर सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध कर सकें.

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