देश को सबसे ज्यादा IAS देने वाला राज्य कौनसा? नाम जानकर आपका पूरा गणित बदल जाएगा
भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS को देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी माना जाता है. हर साल लाखों युवा UPSC परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में सबसे ज्यादा IAS अधिकारी किस राज्य ने दिए हैं? इसका जवाब आपको हैरान कर सकता है.

नई दिल्ली. आजादी के बाद से अब तक सबसे ज्यादा IAS अधिकारी देने वाला राज्य Uttar Pradesh है. अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश से अब तक करीब 717 IAS अधिकारी निकल चुके हैं. प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी और गाजियाबाद जैसे शहर लंबे समय से UPSC तैयारी के बड़े केंद्र माने जाते हैं. यहां कोचिंग कल्चर और प्रतियोगी माहौल इतना मजबूत है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र सफलता हासिल करते हैं. उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी को लेकर युवाओं में अलग ही जुनून देखने को मिलता है. गांवों से लेकर शहरों तक UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों की संख्या काफी ज्यादा है. यही वजह है कि यूपी लगातार इस सूची में नंबर-1 बना हुआ है.
बिहार ने सीमित संसाधनों में दिखाया दम
IAS अधिकारियों की संख्या के मामले में Bihar दूसरे स्थान पर आता है. बिहार से अब तक करीब 452 IAS अधिकारी बने हैं. खास बात यह है कि सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यहां के छात्रों ने हमेशा UPSC में अपना दबदबा कायम रखा है. पटना, गया और दरभंगा जैसे शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत माहौल देखने को मिलता है. बिहार के युवाओं में संघर्ष करने की क्षमता काफी मजबूत मानी जाती है. यहां कई छात्र छोटे गांवों से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करते हैं. यही कारण है कि बिहार को IAS अफसरों की मजबूत धरती कहा जाता है.
राजस्थान ने भी बनाई खास पहचान
Rajasthan भी IAS अधिकारियों के मामले में टॉप राज्यों में शामिल है. राजस्थान से करीब 322 IAS अधिकारी निकले हैं। जयपुर, सीकर और कोटा जैसे शहर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए देशभर में मशहूर हैं. खासकर कोटा को देश का सबसे बड़ा एजुकेशन हब माना जाता है. राजस्थान के कई अफसर केंद्र सरकार में बड़े पदों तक पहुंचे हैं. यहां के युवाओं में प्रशासनिक सेवाओं के प्रति काफी आकर्षण देखने को मिलता है. ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों ने भी इस क्षेत्र में शानदार सफलता हासिल की है.
दक्षिण भारत में तमिलनाडु सबसे आगे
Tamil Nadu IAS अधिकारियों की संख्या में काफी आगे रहा है. तमिलनाडु से करीब 318 IAS अधिकारी बने हैं. चेन्नई और कोयंबटूर जैसे शहर UPSC तैयारी के मजबूत केंद्र माने जाते हैं. यहां की शिक्षा व्यवस्था देश में काफी मजबूत मानी जाती है. तमिलनाडु के छात्र पढ़ाई में अनुशासन और लगातार मेहनत के लिए पहचाने जाते हैं. यही वजह है कि दक्षिण भारत में यह राज्य प्रशासनिक सेवाओं में लगातार मजबूत प्रदर्शन करता रहा है.
आंध्र प्रदेश भी पीछे नहीं
बहुत कम लोग जानते हैं कि Andhra Pradesh भी IAS अधिकारी देने वाले राज्यों में टॉप-5 में शामिल है. यहां से अब तक करीब 314 IAS अधिकारी निकल चुके हैं. राज्य में शिक्षा के प्रति जागरूकता और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत तैयारी का माहौल देखने को मिलता है. हैदराबाद और विशाखापट्टनम जैसे शहरों ने कई सफल अफसर दिए हैं. यहां के छात्र टेक्नोलॉजी और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं.
महाराष्ट्र का भी बड़ा योगदान
Maharashtra लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं में मजबूत उपस्थिति रखता है. महाराष्ट्र से करीब 252 IAS अधिकारी बने हैं. मुंबई और पुणे जैसे शहर UPSC तैयारी के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं. यहां बड़ी संख्या में छात्र हर साल सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं. महाराष्ट्र के कई IAS अधिकारी केंद्र सरकार और राज्यों में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के कारण यहां प्रतियोगी परीक्षाओं का स्तर काफी ऊंचा माना जाता है.
मध्य प्रदेश और हरियाणा भी तेजी से उभरे
कुछ दशकों में Madhya Pradesh और Haryana से भी IAS अधिकारियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. मध्य प्रदेश से करीब 183 और हरियाणा से लगभग 190 IAS अधिकारी बने हैं. भोपाल, इंदौर और गुरुग्राम जैसे शहरों में UPSC तैयारी का माहौल लगातार मजबूत हुआ है. इन राज्यों के छात्र अब देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. यहां ऑनलाइन शिक्षा और कोचिंग सुविधाओं के विस्तार का भी बड़ा असर देखने को मिला है.
छोटे राज्यों ने भी दिखाया कमाल
Uttarakhand, Himachal Pradesh और Kerala जैसे छोटे राज्यों के छात्रों ने भी UPSC में शानदार प्रदर्शन किया है. इन राज्यों की साक्षरता दर और शिक्षा स्तर काफी बेहतर माना जाता है. खासकर केरल के छात्रों की विश्लेषण क्षमता और अनुशासन की काफी तारीफ होती है. छोटे राज्यों से आने वाले कई छात्रों ने देशभर में टॉप रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा साबित की है.
हिंदी भाषी राज्यों का दबदबा क्यों?
आजादी के बाद से UPSC में हिंदी भाषी राज्यों का दबदबा लगातार देखने को मिला है. यूपी, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं का माहौल काफी मजबूत है. यहां सरकारी नौकरी को सामाजिक सम्मान और स्थिर भविष्य के रूप में देखा जाता है. परिवार भी बच्चों को सिविल सेवा में जाने के लिए प्रेरित करते हैं. यही कारण है कि इन राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र IAS बनने का सपना देखते हैं और उसे पूरा भी करते हैं.
डेटा कहां से आया?
IAS अधिकारियों से जुड़ा यह डेटा अलग-अलग सार्वजनिक रिपोर्ट्स और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित बताया जाता है. हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि हर रिपोर्ट में अलग-अलग हो सकती है. फिर भी यह साफ है कि उत्तर प्रदेश लंबे समय से IAS अधिकारियों की सबसे बड़ी धरती बना हुआ है और आने वाले वर्षों में भी उसका दबदबा जारी रह सकता है।


