National News: एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान दिल्ली से शुक्रवार सुबह इंदौर पहुंच रहा था। उड़ान के दौरान अचानक एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। विमान में उस समय कुल 161 यात्री सवार थे। इंजन बंद होने से यात्रियों में दहशत फैल गई और पायलट ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। जैसे ही पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को इंजन खराबी की जानकारी दी, इंदौर एयरपोर्ट पर अलर्ट घोषित कर दिया गया। एटीसी ने तुरंत फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम को रनवे पर भेजा। पूरे एयरपोर्ट पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन तैयारी के चलते हालात काबू में रहे।
खबर मिलते ही एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और सीआईएसएफ की टीम तैनात कर दी गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरा प्रोटोकॉल एक्टिव किया गया। रनवे पर इमरजेंसी वाहन तैयार खड़े थे। हर सेकंड अहम था और सभी की नजरें विमान की सुरक्षित लैंडिंग पर टिकी हुई थीं।
सुबह 09:54 बजे विमान को रनवे नंबर-02 पर सुरक्षित उतारा गया। पायलट की समझदारी और तेज़ फैसले की वजह से सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। विमान की लैंडिंग होते ही एयरपोर्ट पर मौजूद टीम ने राहत की सांस ली और यात्रियों को बाहर निकाला गया। पायलट की ट्रेनिंग और अनुभव इस मुश्किल घड़ी में सबसे बड़ा सहारा साबित हुआ। यात्रियों ने बाद में कहा कि उन्होंने पायलट पर पूरा भरोसा रखा। यह घटना पायलट की बहादुरी और हिम्मत की मिसाल बन गई।
इंजन के बंद होने की जानकारी मिलते ही यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई थी। कई यात्री प्रार्थना करने लगे तो कुछ अपने परिवार को संदेश भेजने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जब विमान सुरक्षित उतरा तो सभी ने तालियां बजाकर पायलट और क्रू का आभार जताया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग राहत की सांस ले रहे थे। कुछ यात्रियों की आंखों में आंसू तक आ गए। कई लोग बार-बार कह रहे थे कि यह उनकी जिंदगी का सबसे डरावना पल था।
लैंडिंग के बाद विमान को रनवे पर ही रोक दिया गया। एयरपोर्ट की तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खराब इंजन की जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि इंजन में तकनीकी खराबी आई थी। टीम ने इंजन के हर पार्ट की बारीकी से जांच की। सुरक्षा कारणों से विमान को उड़ान की अनुमति नहीं दी गई। यात्रियों को भरोसा दिलाया गया कि पूरी तरह जांच के बाद ही विमान दोबारा उड़ान भरेगा।
एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट समय रहते सही फैसला न लेते तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। लेकिन पायलट की समझदारी और एयरपोर्ट स्टाफ की तत्परता से 161 लोगों की जान बच गई। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि एयर सेफ्टी में पल-पल की तैयारी कितनी जरूरी होती है। एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने भी टीम को शाबाशी दी। यात्रियों ने कहा कि उनके लिए यह दिन कभी नहीं भूलने वाला है। इस हादसे ने एयरपोर्ट पर मौजूद सभी को सिखा दिया कि सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। First Updated : Friday, 05 September 2025