बंद होने के कगार पर एयरलाइंस? इंडस्ट्री ने सरकार से लगाई मदद की गुहार

इंटरनेशनल उड़ानों के लिए ATF की कीमत में 73 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जिससे असल में इंटरनेशनल उड़ानों के साथ-साथ घरेलू उड़ानें भी पूरी तरह से घाटे का सौदा बन गई. भारत में एयरलाइन इंडस्ट्री बहुत ज्यादा तनाव में है और बंद होने या अपना काम-काज रोकने की कगार पर है.

Shraddha Mishra

भारत में एयरलाइन इंडस्ट्री बहुत ज्यादा तनाव में है और बंद होने या अपना काम-काज रोकने की कगार पर है. एविएशन सेक्टर की इस बुरी हालत को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और ATF की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने और भी खराब कर दिया है. फेडरेशन ने आगे कहा कि ATF की कीमत में 73 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के कारण, इंटरनेशनल उड़ानों का काम-काज "पूरी तरह से घाटे का सौदा" बन गया है.

इंटरनेशनल उड़ानों के लिए ATF की कीमत में 73 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जिससे असल में इंटरनेशनल उड़ानों के साथ-साथ घरेलू उड़ानें भी पूरी तरह से घाटे का सौदा बन गई और अप्रैल 2026 में एविएशन सेक्टर को भारी नुकसान हुआ," FIA ने कहा. अप्रैल 2026 की कीमतों से घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों के बीच कोई बराबरी पक्की नहीं होती है," एयरलाइन संस्था ने आगे कहा.

कीमत मे बढ़ोतरी


एविएशन टर्बाइन फ्यूल की नई कीमतें ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिका और इज़राइल के ईरान के साथ युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई में संकट पैदा हो गया है. इस झगड़े के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावट आ गई है, जो दुनिया की लगभग 20 % ऊर्जा सप्लाई के लिए एक बहुत जरूरी रास्ता है. एयरलाइन संस्था ने बताया मौजूदा झगड़े ने ब्रेंट क्रूड की कीमत को US$ 72 / BBL से बढ़ाकर US$ 118 / BBL तक पहुंचा दिया है, और इसके चलते ATF की कीमत (MOPAG + प्रीमियम) US$ 87.24 से बढ़कर US$ 260.24 / BBL (295% की बढ़ोतरी) के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. अभी इसकी कीमत US$ 235.63 / BBL चल रही है, जो मार्च 2025 की कीमतों के मुकाबले काफी ज्यादा है.

 एयरलाइंस ने सरकार से मांगी मदद

FIA ने आगे कहा कि ATF की कीमत आमतौर पर एयरलाइन के कुल खर्च का लगभग 30 से 40 प्रतिशत होती है. लेकिन, अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कीमतों में बढ़ोतरी होने से, ATF के खर्च में हुई बढ़ोतरी ने अब एयरलाइन के काम-काज के खर्च को बढ़ाकर 55 से 60 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है. इसके अलावा, संस्था ने आगे कहा रुपया भी और कमजोर होकर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे ATF की कीमतों के मामले में एयरलाइंस पर और भी ज्यादा बोझ पड़ गया है.

इस मौजूदा संकट से निपटने के लिए, एयरलाइन संस्था ने सरकार को तीन सुझाव दिए हैं. रिफ़ाइनरियों को कच्चे तेल को फाइनल प्रोडक्ट में बदलने से होने वाला मुनाफा. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्साइज़ ड्यूटी में कुछ समय के लिए छूट. घरेलू उड़ानों के लिए ATF पर अभी 11 फीसदी ड्यूटी लगती है.

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