पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से की बातचीत, शांति और स्थिरता पर दिया जोर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, नागरिकों की सुरक्षा और शांति व स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर चिंता जताई.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से फोन पर बातचीत की. यह बातचीत ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बार हुई है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और नागरिकों की जान जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की.

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति से पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. बातचीत के दौरान उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और भारत के रुख को स्पष्ट किया कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही होना चाहिए.

क्षेत्र की 'गंभीर स्थिति' पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पेजेशकियान से पश्चिम एशिया में बनी "गंभीर स्थिति" पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर चिंता जताई.

उन्होंने कहा, "तनाव बढ़ने और नागरिकों की जान जाने के साथ-साथ नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की."

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति का मुद्दा उठाया

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए आवश्यक वस्तुओं के निर्बाध पारगमन की जरूरत पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और "माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन की आवश्यकता" भारत की "सर्वोच्च प्राथमिकताएं" बनी हुई हैं.

शांति और कूटनीति के जरिए समाधान पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का लगातार यही रुख रहा है कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही किया जाना चाहिए.

ईरान ने साझा की मौजूदा हालात की जानकारी

भारतीय सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने प्रधानमंत्री मोदी को देश की वर्तमान स्थिति के बारे में अवगत कराया. उन्होंने पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रमों को लेकर ईरान का दृष्टिकोण भी साझा किया.

ईरान में मौजूद हैं हजारों भारतीय

जानकारी के अनुसार, ईरान में इस समय करीब 9,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें छात्र, पेशेवर, नाविक और तीर्थयात्री शामिल हैं. भारतीय अधिकारियों ने पहले ही सैकड़ों नागरिकों को तेहरान से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है.

इसके अलावा बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अपने देश लौटने के लिए ईरान छोड़कर अज़रबैजान और आर्मेनिया की ओर रवाना हो चुके हैं.

विदेश मंत्री जयशंकर भी कर चुके हैं कई दौर की बातचीत

28 फरवरी को ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से तीन बार बातचीत की है.

इन वार्ताओं के दौरान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई.

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