खामेनेई परिवार को लेकर फैली अफवाहों पर विराम, ईरान ने कहा- जिंदा हैं सुप्रीम लीडर की पत्नी
ईरान युद्ध के बीच खामेनेई परिवार को लेकर फैली खबरों पर बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान से जुड़ी एजेंसी ने साफ किया कि अयातुल्लाह अली खामेनेई की पत्नी की मौत की खबर गलत है।

ईरान में जारी युद्ध और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच खामेनेई परिवार को लेकर कई तरह की खबरें फैल रही थीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोज़स्तेह बाघेरज़ादेह भी हमलों में मारी गईं। लेकिन अब इन खबरों को गलत बताया गया है। ईरान की आईआरजीसी से जुड़ी फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने साफ कहा कि वह जीवित हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
मोजतबा खामेनेई के बयान से भी मिला संकेत
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक बयान में अपनी मां के निधन का कोई जिक्र नहीं किया। इससे पहले भी ईरान के भीतर कई लोग इन खबरों को अफवाह बता रहे थे। सरकारी हलकों में भी ऐसी किसी पुष्टि से इनकार किया गया था। इसलिए फ़ार्स न्यूज की रिपोर्ट को आधिकारिक संकेत माना जा रहा है। इससे साफ हुआ कि खामेनेई परिवार के बारे में फैली कई बातें पूरी तरह सच नहीं थीं।
युद्ध की शुरुआत में हुई थी बड़ी तबाही
ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच युद्ध शुरू होते ही बड़े हमलों की खबरें सामने आई थीं। बताया गया कि शुरुआती हमलों में अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए थे। उसी दिन कई अन्य पारिवारिक सदस्यों के भी मारे जाने की रिपोर्ट आई थी। स्थानीय मीडिया ने दावा किया था कि परिवार के कई सदस्य हमलों की चपेट में आए। हालांकि इन खबरों की पूरी पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से नहीं हो पाई थी।
परदे के पीछे रहने वाली शख्सियत
मंसूरेह खोज़स्तेह बाघेरज़ादेह हमेशा से सार्वजनिक जीवन से दूर रही हैं। उन्हें ईरान के सबसे निजी और कम दिखाई देने वाले शख्सियतों में गिना जाता है। राजनीतिक कार्यक्रमों या मीडिया में उनकी मौजूदगी बहुत कम देखने को मिलती है। यही वजह है कि उनके बारे में सही जानकारी अक्सर सामने नहीं आती। युद्ध के दौरान अफवाहें फैलने की एक बड़ी वजह यही भी रही।
नए सुप्रीम लीडर का कड़ा संदेश
इस बीच नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संबोधन में कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि युद्ध में मारे गए ईरानी नागरिकों और बच्चों की मौत का बदला लिया जाएगा। अपने बयान में उन्होंने अमेरिका और इज़रायल को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि ईरान अपने “शहीदों” का हिसाब जरूर लेगा। इस बयान को ईरान की आगे की रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ा हथियार
मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग ईरान के लिए एक अहम रणनीतिक साधन है। युद्ध के बाद इस रास्ते की सुरक्षा और नियंत्रण का महत्व और बढ़ गया है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ईरान इस मार्ग को नियंत्रित करता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है। इसलिए दुनिया की नजर अब इसी जलमार्ग पर टिकी हुई है।
ईरान ने दिया अंतरराष्ट्रीय संकेत
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन उन्हें ईरानी नौसेना के साथ समन्वय करना होगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि ईरान इस जलमार्ग को अपनी रणनीतिक ताकत के रूप में देख रहा है। युद्ध के बाद क्षेत्रीय हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अब दुनिया यह देख रही है कि आगे यह टकराव किस दिशा में जाता है।


