ईरान ने अमेरिका को परमाणु समझौते के लिए आखिरी प्रस्ताव भेजा, जानें इसके बारे में

ईरान ने डील के लिए US को एक नया प्रपोजल भेजा है. इस प्रपोजल को समझौते को लेकर ईरान की तरफ से एक अहम प्रपोजल माना जा रहा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

US हमले के खतरे के बीच ईरान ने डील के लिए US को एक नया प्रपोजल भेजा है. इस प्रपोजल को समझौते को लेकर ईरान की तरफ से एक अहम प्रपोजल माना जा रहा है. यह प्रपोजल रूस ओमान और पाकिस्तान के साथ बातचीत के बाद US को भेजा गया था. यह एग्रीमेंट प्रपोजल पाकिस्तान के जरिए US को भेजा गया था. US की तरफ़ से प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप इस प्रपोज़ल पर आखिरी फैसला करेंगे.

आखिरी प्रस्ताव क्या है

ईरान न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह प्रपोजल पाकिस्तानी मीडिएटर्स के जरिए US को भेजा गया था. इसमें होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और न्यूक्लियर हथियारों के मुद्दे पर बातचीत का सुझाव दिया गया है. हाल ही में हुए समझौते के तहत इसे ईरान का फाइनल प्रपोजल माना जा रहा है.

ईरान ने US को भेजा 'फाइनल प्रपोजल'

यह प्रपोजल IRGC की सलाह पर भेजा गया था. यह प्रपोजल ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पाकिस्तानी मीडिएटर्स को भेजा था. इस प्रपोजल में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से भी सलाह ली गई थी. ईरान इंटरनेशनल ने हाल ही में एक रिपोर्ट पब्लिश की है जिसमें कहा गया है कि अरागची IRGC अधिकारियों के सीधे कॉन्टैक्ट में हैं.

 प्रपोजल में क्या शामिल है?

ईरान अपनी शर्तों पर होर्मुज स्ट्रेट खोलना चाहता है. उसकी मांग है कि पहले होर्मुज के बाहर US की नाकाबंदी हटाई जाए. ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर टोल वसूलने का अधिकार चाहता है. 34 किलोमीटर का होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बहुत जरूरी माना जाता है.

ईरान न्यूक्लियर डील को लेकर US से बातचीत करना चाहता है. ईरान का मकसद 10 साल के लिए एनरिचमेंट को रोकना है, जबकि US कम से कम 20 साल के लिए ऐसा करना चाहता है. 

ईरान के प्रपोजल में बैन हटाना भी शामिल है. ईरान का कहना है कि उसे राहत और बचाव कामों के लिए बातचीत के शुरुआती दौर में कम से कम डालर100 बिलियन की फंडिंग मिलनी चाहिए.

इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बातचीत की बात कही गई है, इसे ईरान की तरफ से आखिरी पेशकश माना जा रहा है.

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