'आंख मारोगे, फ्लाइंग किस करोगे...', लोकसभा में राहुल गांधी को अमित शाह ने क्यों कहा ऐसा? जानिए पूरा मामला

आज लोकसभा में अमित शाह ने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी के पुराने कदमों का जिक्र किया और सदन में व्यवहार की गरिमा की बात की.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर उनके पुराने व्यवहार को लेकर तीखा हमला किया. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान शाह के बयानों से सदन में इतना हंगामा हुआ कि विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. आखिरकार पीठासीन अधिकारी को कार्यवाही का रिकॉर्ड जांचने का वादा करना पड़ा.

गृहमंत्री का सीधा निशाना

बहस का जवाब देते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी को सीधे टारगेट किया. उन्होंने कहा कि सदन में ऐसी बातें कहने में उन्हें झिझक हो रही है. फिर शाह ने राहुल के पुराने कदमों का जिक्र किया और बोले, "कभी किसी सदस्य की ओर आंख मारोगे, कभी फ्लाइंग किस करोगे, कभी प्रधानमंत्री के पास जाकर उनसे चिपक जाओगे...".

यह इशारा राहुल द्वारा पहले अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पीएम मोदी को गले लगाने, आंख मारने और संसद से बाहर जाते समय फ्लाइंग किस देने की घटनाओं की ओर था. शाह का कहना था कि ऐसे व्यवहार सदन की गरिमा के खिलाफ हैं.

विपक्ष में उबाल, लगे नारेशाह के इन शब्दों से विपक्षी दल भड़क उठे. कांग्रेस और अन्य पार्टियों के सांसद खड़े हो गए और जोरदार हंगामा करने लगे. सदन में 'गुंडागर्दी बंद करो' और 'माफी मांगो' के नारे गूंजने लगे. विपक्ष का आरोप था कि एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणियां सदन की मर्यादा का उल्लंघन हैं. हंगामा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही कुछ देर के लिए ठप हो गई.

शाह की सफाई और चुनौती

हंगामे के बीच अमित शाह ने अपनी बात दोहराई और कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं बोला. उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, "अगर मेरे भाषण में कोई शब्द असंसदीय है, तो उसे रिकॉर्ड से हटा दिया जाए." शाह ने अपनी टिप्पणियों पर कायम रहते हुए कहा कि वे सिर्फ तथ्यों का जिक्र कर रहे थे, लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ और शोर-शराबा जारी रहा.

पीठासीन अधिकारी ने संभाला मोर्चा

उस समय आसन पर बैठे जगदंबिका पाल ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. उन्होंने विपक्ष को शांत करते हुए कहा, "मैं गृहमंत्री के पूरे भाषण का रिकॉर्ड देखूंगा. अगर कोई असंसदीय शब्द मिला, तो उसे जरूर हटा दिया जाएगा." इस आश्वासन के बाद सदन का माहौल थोड़ा शांत हुआ और कार्यवाही आगे बढ़ सकी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो