G7 समिट में ट्रंप ने PM मोदी से किया बड़ा वादा, कहा 'भारत पर हमला हुआ तो हम मदद करेंगे'

द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भले ही कोई लिखित कॉन्ट्रैक्ट न हो, लेकिन संकट के समय अमेरिका भारत के साथ खड़ा होगा।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: फ्रांस में चल रहे 52वें G7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए खुला समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर हमला होता है, तो अमेरिका मदद के लिए खड़ा रहेगा। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों नेताओं की ये पहली आमने-सामने मुलाकात थी।  

भारत-अमेरिका रक्षा रिश्ते पर ट्रंप का भरोसा   

द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भले ही कोई लिखित कॉन्ट्रैक्ट न हो, लेकिन संकट के समय अमेरिका भारत के साथ खड़ा होगा।  

ट्रंप ने साफ कहा, “अगर उन पर हमला होता है और मोदी नेता हैं, तो हम मदद के लिए वहां होंगे। अगर कोई और नेता होता है तो मुझे नहीं पता, लेकिन मोदी के रहते हम साथ हैं।” 

बातचीत के बाद दोनों नेताओं को हाथ मिलाते हुए देखा गया। ये मुलाकात ऐसे समय हुई जब दोनों देश टैरिफ, इमिग्रेशन और भारत-पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर मतभेद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। ओमान के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीयों की मौत के बाद भी रिश्तों को स्थिर रखने की जरूरत बढ़ गई थी।  

‘मोदी से बेहतर दोस्त कोई नहीं’: ट्रंप   

पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते इससे बेहतर नहीं हो सकते। “मैं भारत का बहुत अच्छा दोस्त हूं। जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, व्हाइट हाउस में भारत का एक भरोसेमंद दोस्त रहेगा। यहां हर कोई भारत को पसंद करता है और मोदी का सम्मान करता है।”  

ट्रंप ने 16 महीने बाद हुई इस मुलाकात को ‘बहुत अच्छा’ बताया। उन्होंने कहा कि रिश्तों की शुरुआत नेताओं से होती है, और वो और मोदी दोनों अपने देशों को करीब लाने की कोशिश कर रहे हैं।  

मोदी को बताया ‘सख्त नेगोशिएटर’    

ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वो बातचीत में बेहद सख्त हैं। व्यापारिक चर्चाओं में मोदी भारत के हितों की पूरी मजबूती से रक्षा करते हैं।  

ट्रंप ने कहा, “वो बाहर से जितने शांत और अच्छे लगते हैं, अंदर से उतने ही सख्त हैं। वो भारतीय लोगों से प्यार करते हैं, लेकिन अमेरिका से भी उनका लगाव है। ह्यूस्टन में हमारा हाउडी मोदी कार्यक्रम याद है, स्टेडियम पूरा भरा था। भविष्य में हम फिर भारत जाएंगे।”  

दोनों नेताओं की ये मुलाकात व्यापार और भू-राजनीतिक तनावों के बीच संबंधों को दोबारा मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मंगलवार को G7 आउटरीच कार्यक्रम में भी दोनों की गर्मजोशी से मुलाकात हुई थी।

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