बीजेपी की तमिलनाडु इकाई में कुछ उथल-पुथल के आसार नजर आ रहे हैं। अटकलें हैं कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि पर अन्नामलाई ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हैरानी की बात यह है कि यह चर्चाएं ऐस समय में आ रही है जब कहा जा रहा है कि पार्टी में अन्नामलाई को बड़ी भूमिका दी जा सकती है।
कई रिपोर्ट और सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि अन्नामलाई बीजेपी छोड़ने और नई पार्टी बनाने पर विचार कर रहे हैं। आपका बता दें कि यह चर्चा तब शुरू हुई जब अन्नामलाई के समर्थकों की सक्रियता सोशल मीडिया पर अचानक बढ़ गई। सोशल मीडिया पर पार्टी के नामों और झंडे की डिजाइन्स को लेकर पोस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि आपको बता दें कि खुद अन्नामलाई ने इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हाल ही में अन्नामलाई ने तीन भाषा मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से अलग अपना रुख रखा था। मई में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीन भाषाओं को अनिवार्य बनाने वाली अधिसूचना को वापस लेना का आग्रह किया था। अन्नामलाई ने मंत्रालय से आग्रह किया कि वो साल 2029-2030 शैक्षणिक वर्ष से तीन भाषाएं ( जिनमें दो भारतीय भाषाएं हो) शुरू करने की पूर्व प्रतिबद्धता पर कायम रहे। आपको बता दें कि CBSE ने 15 मई 2026 को सभी संबद्ध विद्यालयों को एक अधिसूचना जारी कर वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीसरी अनिवार्य भाषा शुरु करने की घोषणा की, जो कि पूर्व में 2029-2030 सत्र से लागू किए जाने की निर्धारित समय सीमा से काफी पहले है। अन्नामलाई ने कहा कि अप्रैल 2026 में जब सीबीएसई ने घोषणा की कि कक्षा छठी के छात्रों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होगी। जिनमें दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए तो उन्होंने भी इस निर्णय का स्वागत किया था।
विधानसभा चुनाव में AIADMK के साथ गठबंधन को लेकर अन्नामलाई नाराज थे। हालांकि उन्होंने चुनाव में खुलकर एनडीए का प्रचार किया था। आपका बता दें कि कुछ समय पहले ही उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया था और नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी दी गई थी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी।
अटकलें यह भी लगाई जा रही है कि अन्नामलाई को दिल्ली में कोई पद दिया जा सकता है। हालांकि बीजेपी ने अभी तक इसकी कोई घोषणा नहीं की है। चर्चाएं यह भी थी कि उन्हें आंध्रप्रदेश से राज्य सभा भएजा सकता है। आपको बता दें कि साल 2021 से 2025 तक तमिलनाडु में बीजेपी का कमान अन्नामलाई के हाथ में था। बीजेपी लंबे समय से दक्षिण भारत में मजबूत सियासी जमीन तलाश रही है लेकिन अभी तक पार्टी को इसमें कोई सफलता नहीं मिली है। पार्टी दक्षिण भारत में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है और उसे उम्मीद है कि आने वाले समय में बीजेपी का परचम वहां लहरेगा। First Updated : Monday, 01 June 2026