क्या BJP छोड़ देंगे अन्नामलाई जन्मदिन पर हो सकता है सबसे बड़ा ऐलान

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है. उनके 42वें जन्मदिन पर बड़े ऐलान की अटकलें तेज हैं. चर्चा है कि वह भाजपा में बने रहने या नई राजनीतिक राह चुनने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला कर सकते हैं.

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चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को लेकर हो रही है. उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दौर जारी है और गुरुवार को उनके 42वें जन्मदिन पर किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अन्नामलाई अपनी आगे की रणनीति सार्वजनिक कर सकते हैं.

कयास लगाए जा रहे हैं कि अन्नामलाई नई राजनीतिक पार्टी या किसी नए आंदोलन की शुरुआत की घोषणा कर सकते हैं. हालांकि, भाजपा से उनके संबंधों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है. ऐसे में समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें उनके अगले कदम पर टिकी हुई हैं.

अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ीं चर्चाएं

अन्नामलाई ने 2 जून को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. इस बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं. खबरों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व ने उन्हें फिलहाल इस्तीफे के फैसले को टालने की सलाह दी है.

इससे पहले यह भी खबर सामने आई थी कि अन्नामलाई ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात के दौरान अपना इस्तीफा सौंप दिया था. बताया जा रहा है कि वह पार्टी से आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से अलग होना चाहते हैं.

भाजपा से दूरी की अटकलें क्यों?

अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा उस समय और तेज हो गई, जब भाजपा ने उन्हें तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी सौंप दी. इसके साथ ही पार्टी ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले एआईएडीएमके के साथ अपना गठबंधन भी फिर से शुरू किया.

हाल ही में अन्नामलाई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ‘कृपया इंतजार करें. हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे.’ इस बयान के बाद अटकलों का बाजार और गर्म हो गया. इसके तुरंत बाद वह दिल्ली रवाना हो गए थे.

भाजपा में अन्नामलाई का राजनीतिक सफर

के. अन्नामलाई ने वर्ष 2020 में भाजपा का दामन थामा था. पार्टी में शामिल होने के महज 10 महीने के भीतर उन्हें तमिलनाडु भाजपा का सबसे युवा प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया.

हालांकि 2021 विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन राज्य में भाजपा के विस्तार में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई. उनके नेतृत्व में भाजपा ने 2021 विधानसभा चुनाव में चार सीटें जीतीं और करीब दो दशक बाद तमिलनाडु विधानसभा में वापसी की.

वोट शेयर में भी दर्ज हुई बढ़ोतरी

2024 लोकसभा चुनाव में भी अन्नामलाई के नेतृत्व में भाजपा का वोट शेयर बढ़ा. पार्टी का वोट प्रतिशत 2019 के 3.66 प्रतिशत से बढ़कर 11.24 प्रतिशत तक पहुंच गया.

वहीं, नैनार नागेंद्रन के नेतृत्व में 2026 विधानसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली.

पोस्टरों ने बढ़ाया सियासी तापमान

अन्नामलाई के भविष्य को लेकर चर्चाओं के बीच कोयंबटूर, मदुरै और तमिलनाडु के अन्य क्षेत्रों में उनके समर्थन में कई पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा के अन्य प्रमुख नेताओं की तस्वीरें नजर नहीं आ रही हैं.

कुछ पोस्टरों में अन्नामलाई को अभिनेता रजनीकांत और अजीत के साथ दिखाया गया है. इसके बाद यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि उनके समर्थक उन्हें स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ आगे बढ़ते देखना चाहते हैं.

भाजपा कार्यकर्ताओं में बढ़ी बेचैनी

अन्नामलाई को लेकर जारी अनिश्चितता का असर भाजपा संगठन के भीतर भी दिखाई देने लगा है. खासकर युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

भाजपा युवा मोर्चा के राज्य सचिव आर योगेश ने कहा, ‘अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की अफवाहों के बाद बीजेपी में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भ्रम की स्थिति है. कई लोग चिंतित हैं और कुछ पार्टी से दूरी बनाने पर भी विचार कर रहे हैं.’

क्या जन्मदिन पर होगा बड़ा फैसला?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के राज्य अध्यक्ष एम सी मुनुसामी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के बाद अन्नामलाई के भविष्य को लेकर अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है.

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अन्नामलाई अपने 42वें जन्मदिन पर कोई बड़ा राजनीतिक फैसला या नई रणनीति का ऐलान करेंगे. फिलहाल भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. First Updated : Thursday, 04 June 2026