22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से राज्य में सुरक्षा बलों ने आतंक के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया है. इन ऑपरेशनों में अब तक 6 अलग-अलग मुठभेड़ों में 21 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है. संयुक्त रूप से भारतीय सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस कार्यवाही को अंजाम दिया.
श्रीनगर से 70 किलोमीटर दूर कुलगाम में हुए 'ऑपरेशन अकाल' में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराया. इनमें जाकिर अहमद गनी (कुलगाम), आदिल रहमान डेंटू (सोपोर), और हरीश डार (पुलवामा) शामिल थे. ये आतंकी स्थानीय युवाओं की भर्ती और विदेशी घुसपैठियों को सहायता पहुंचाने के काम में लगे थे.
सांबा जिले में हुई एक जबरदस्त मुठभेड़ में बीएसएफ ने जैश-ए-मोहम्मद के सात पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया. यह हाल के महीनों में जैश नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. फिलहाल इन आतंकियों की पहचान की पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद की जाएगी.
शोपियां जिले के केलर जंगल में लश्कर के तीन स्थानीय आतंकी – शाहिद कुट्टे, अदनान शफी डार और आमिर बशीर को सुरक्षाबलों ने मार गिराया. वहीं, त्राल के जंगल में जैश-ए-मोहम्मद के तीन स्थानीय आतंकियों – आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट्ट को ढेर किया गया.
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के मुलनार गांव में 'ऑपरेशन महादेव' के तहत सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों सुलैमान, अफगान और जिबरान को मार गिराया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बताया कि यही तीनों आतंकवादी 22 अप्रैल के पहलगाम नरसंहार के जिम्मेदार थे.
पुंछ क्षेत्र में चलाए गए 'ऑपरेशन शिवशक्ति' के दौरान सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया. ये दोनों हाल ही में पीओके से भारत में घुसे थे. हालांकि, इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.
First Updated : Sunday, 03 August 2025