शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया, कहा लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया और इसे लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत बताया।

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नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे सरकारी अहंकार के खिलाफ लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने X और वीडियो संदेश के जरिए इस आंदोलन का नेतृत्व करने वाले युवाओं और Gen Z को बधाई दी।  

केजरीवाल बोले - "यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है"   

शनिवार को प्रधान के इस्तीफे के बाद केजरीवाल ने X पर लिखा, "धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर पूरे देश को बधाई। लोकतंत्र की बड़ी जीत।" एक वीडियो में उन्होंने कहा, "नमस्ते दोस्तों। हमारे देश के युवाओं और Gen Z को दिल से बधाई। आपके संघर्ष का फल मिला और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा।"  

केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ समय से लोगों का लोकतंत्र से भरोसा उठ रहा था। उन्होंने कहा, "लोगों को लगता था सरकारें सुनती नहीं। हर चीज के लिए रोना-गिड़गिड़ाना पड़ता है। लेकिन इतने बड़े संघर्ष के बाद सरकार का अहंकार झुक गया। उसे जनता के सामने झुकना पड़ा। यह बहुत बड़ा पल है।"  

NEET पेपर लीक बना आंदोलन की वजह   

NEET-UG 2026 के पेपर लीक विवाद के बाद सोनम वांगचुक के नेतृत्व में हफ्तों तक विरोध चला। जंतर-मंतर पर 26 दिन की भूख हड़ताल भी हुई। इसी दबाव के बाद मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। केजरीवाल ने परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों और इससे जुड़ी आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए केंद्र से राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में तुरंत सुधार की मांग की।

दिल्ली के पूर्व सीएम ने यह भी कहा, "सरकार को समझना होगा कि लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए होता है। मुझे उम्मीद है सरकार NEET सिस्टम को ठीक करेगी ताकि आगे पेपर लीक न हो और बच्चों को आत्महत्या न करनी पड़े। जय हिंद।"  

AAP नेताओं ने जेन Z की तारीफ की   

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी छात्र आंदोलन की सराहना की। उन्होंने कहा, "जब BJP सत्ता में थी तो इस्तीफे नहीं होते थे। इसमें अहंकार झलकता था। जहां मुख्य विपक्षी पार्टियां नाकाम रहीं, वहां देश की जेन Z सरकार को मांगें मानने पर मजबूर करने में सफल रही।"  

इस्तीफे में धर्मेन्द्र प्रधान ने क्या कहा?     

PM मोदी को भेजे पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि उन्होंने छात्रों के हित में और यह सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया है कि युवा उम्मीदवार "भ्रम के जाल में न फंसे"। उन्होंने लिखा, "40 साल से मैं शिक्षा और छात्रों से जुड़ा हूं। मेरी मान्यता है कि मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रणाली ही मजबूत राष्ट्र की नींव है।"  

प्रधान 2021 से शिक्षा मंत्री थे और 2024 में दोबारा नियुक्त हुए थे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खुद इस्तीफा दिया। फिलहाल छात्र संगठनों का कहना है कि इस्तीफा एक कदम है। अब मांग है कि परीक्षा प्रणाली में ढांचागत बदलाव हो और प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिले।   First Updated : Saturday, 25 July 2026