बिहार: बिहार के चर्चित कोचिंग संस्थान 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' के संचालक रौशन आनंद को कानूनन बड़ी राहत मिली है. न्यायालय से जमानत मिलने के बाद रौशन आनंद आज अपने गृह जिले सहरसा पहुंचे हैं, जहां वे अपने छोटे भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्मों में शामिल होंगे. यह खबर उनके समर्थकों और परिजनों के लिए बेहद भावुक क्षण लेकर आई है.
नेपाल के होटल में हुई मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के कमरे से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था. इस घटना के बाद से ही परिवार वालों ने मौत के कारणों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर प्रिंस के शव की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं. इन तस्वीरों को लेकर दावा किया जा रहा है कि प्रिंस के शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान मौजूद हैं. इन दृश्यों के सार्वजनिक होने के बाद से मौत का यह पूरा मामला और अधिक संदेहास्पद और रहस्यमयी हो गया है.
सहरसा में पसरा सन्नाटा
प्रिंस यादव की मौत की खबर जैसे ही उनके सहरसा स्थित पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया. आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे हैं. परिजनों ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को आसानी से नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने भारत और नेपाल दोनों देशों की जांच एजेंसियों से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़
जमानत मिलने के बाद रौशन आनंद का आज सहरसा पहुंचना परिवार के लिए एक बड़ा भावनात्मक संबल साबित हुआ है. अंतिम विदाई के इस दुखद मौके पर प्रिंस यादव के मित्रों, शुभचिंतकों और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सोशल मीडिया पर भी लगातार हैशटैग चलाकर प्रिंस यादव के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है. फिलहाल, पूरे बिहार और नेपाल सीमा से सटे इलाकों के लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां इस मौत के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए क्या कदम उठाती हैं. First Updated : Monday, 15 June 2026