बंगाल चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, ममता बनर्जी पर सीधे हमले से दूरी; निशाने पर तृणमूल सरकार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में अहम बदलाव किया है. पार्टी के केंद्रीय नेता इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधे व्यक्तिगत हमले करने से बचेंगे और अपना फोकस तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीतियों और कामकाज पर रखेंगे. माना जा रहा है कि यह फैसला पिछले चुनाव के अनुभव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी रणनीति में अहम बदलाव किया है. पार्टी के केंद्रीय नेता इस बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधे व्यक्तिगत हमले करने से बचेंगे. भाजपा की कोशिश है कि पिछले चुनाव की तरह ममता बनर्जी किसी तरह का सहानुभूति माहौल न बना सकें.
हालांकि, पार्टी का फोकस राज्य की तृणमूल सरकार की नीतियों और कामकाज पर कड़ा हमला करने पर रहेगा. वहीं राज्य स्तर के भाजपा नेता ममता बनर्जी और उनकी पार्टी व सरकार को खुलकर निशाना बनाते रहेंगे.
चुनाव प्रचार की तैयारी तेज
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की घोषणा जल्द होने की संभावना है. इसी बीच भाजपा ने अपने चुनावी अभियान को भी तेज कर दिया है. पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची लगभग तैयार मानी जा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में आयोजित विशाल रैली के साथ भाजपा ने औपचारिक रूप से अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी है. इसके साथ ही पार्टी के चुनावी प्रबंधकों और रणनीतिकारों ने प्रचार की रणनीति को भी अंतिम रूप दे दिया है.
2021 के अनुभव से बदली रणनीति
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व का मानना है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने अपने पक्ष में सहानुभूति का माहौल बनाने में सफलता पाई थी. उस समय भाजपा नेताओं द्वारा "दीदी" कहकर किए गए हमलों को ममता बनर्जी ने अपने पक्ष में भुनाया था.
इसका परिणाम यह हुआ कि राज्य सरकार के खिलाफ बने माहौल का पूरा राजनीतिक लाभ भाजपा को नहीं मिल सका. इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है.
तृणमूल सरकार की नाकामी पर फोकस
नई रणनीति के तहत भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचते हुए राज्य की तृणमूल सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कामकाज को मुख्य मुद्दा बना रहा है.
कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में हुई रैली के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी का नाम लिए बिना ही तृणमूल सरकार पर तीखे हमले किए. भाजपा का लक्ष्य राज्य सरकार के खिलाफ बने माहौल को राजनीतिक रूप से भुनाना है.
राज्य के नेता करेंगे सीधा हमला
सूत्रों का कहना है कि जहां केंद्रीय नेता संयमित भाषा का इस्तेमाल करेंगे, वहीं राज्य स्तर के भाजपा नेता ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर सीधे हमले जारी रखेंगे.
बताया जा रहा है कि स्थानीय नेता खुद को राज्य की नीतियों से प्रभावित और भुक्तभोगी बताते हुए जनता के बीच सरकार की नाकामियों को मुद्दा बनाएंगे. भाजपा की कोशिश है कि राज्य के मतदाताओं में बदलाव की उम्मीद को मजबूत किया जाए और उन्हें मौजूदा सरकार के खिलाफ खड़ा किया जाए.


