केरल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की 47 उम्मीदवारों की पहली सूची

केरल विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने 47 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है. मंजेश्वर सीट से के. सुरेंद्रन को, कांजीरापल्ली से एडवोकेट जॉर्ज कुरियन और नेमोम से प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर चुनाव लड़ेंगे.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

केरल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने सोमवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी. पार्टी ने इस सूची में 47 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं. इस घोषणा के साथ ही राज्य में चुनावी मुकाबला और तेज हो गया है. पार्टी ने मंजेश्वर सीट से के. सुरेंद्रन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कोझिकोड उत्तर से नव्या हरिदास को टिकट दिया गया है. 

राजीव चंद्रशेखर ने क्या कहा?

इसके अलावा कांजीरापल्ली से एडवोकेट जॉर्ज कुरियन, कझाकूटम से वी. मुरलीधरन और नेमोम सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को चुनाव मैदान में उतारा गया है. उम्मीदवारों की घोषणा के बाद राजीव चंद्रशेखर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह चुनाव केरल के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा. उनका मानना है कि राज्य के लोग अब राजनीतिक बदलाव चाहते हैं और इस बार का चुनाव उसी दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. 

उन्होंने कहा कि केरल के लोग इस चुनाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यह केवल एक सामान्य चुनाव नहीं बल्कि राज्य की दिशा और विकास तय करने वाला चुनाव है. चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन राज्य में विकास, बेहतर प्रशासन और आर्थिक प्रगति का नया अवसर देना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब नई नीतियों और नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है.

सार्वजनिक बहस के लिए तैयार चंद्रशेखर 

इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को खुली बहस की चुनौती भी दी. चंद्रशेखर ने कहा कि वे राज्य में शासन, नीतियों और विकास के मुद्दों पर सार्वजनिक बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं तो उन्हें खुशी होगी. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को भी चुनाव से पहले खुली बहस के लिए आमंत्रित किया.

बीजेपी नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का आदान-प्रदान और नीतियों पर चर्चा होना जरूरी है. उनका कहना था कि यदि विपक्षी नेता बहस के लिए आगे आते हैं तो जनता के सामने विभिन्न दलों की नीतियों और योजनाओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी. इससे मतदाताओं को भी यह तय करने में आसानी होगी कि राज्य के विकास के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है.

बीजेपी की पहली सूची जारी होने के साथ ही केरल में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं. आने वाले दिनों में अन्य दल भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगे, जिससे राज्य में चुनावी मुकाबला और रोचक होने की संभावना है.

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