नई दिल्लीः नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस पत्र का औपचारिक जवाब दिया, जिसमें उन्होंने बारामती में हुए विमान दुर्घटना का विस्तृत विवरण मांगा था. इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी.
मंत्रालय ने कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है. इसे सुरक्षित रखा गया है ताकि अधिक तकनीकी विश्लेषण किया जा सके. इसके अलावा, दुर्घटनास्थल से प्राप्त सभी तकनीकी रिकॉर्ड और परिचालन संबंधी विवरणों की जांच की जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने इस हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है. मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि यह जांच पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से की जाएगी. मंत्रालय ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के अनुरोध पर ध्यान दिया जा रहा है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाएंगे.
ब्लैक बॉक्स को विमान दुर्घटनाओं की जांच में सबसे महत्वपूर्ण उपकरण माना जाता है. वर्ल्ड एविएशन फ्लाइट एकेडमी के अनुसार, यह उपकरण उड़ान के दौरान महत्वपूर्ण डेटा कैप्चर और स्टोर करता है, जिससे दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण संभव होता है.
बारामती में बुधवार की सुबह लेयरजेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, उनके सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव, पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर, फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन शम्भावी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत हो गई.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विमान ने बारामती में दो बार लैंडिंग का प्रयास किया. यह हवाई अड्डा अनियंत्रित माना जाता है और एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) का संचालन दो स्थानीय फ्लाइंग स्कूलों के पायलट कैडेट बारी-बारी से करते हैं.
विज्ञप्ति में बताया गया कि शुरू में पायलटों ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने दृश्य संपर्क की पुष्टि की. इसके बाद विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई. उड़ान सुबह 8:43 बजे चली और एटीसी ने इसके ठीक एक मिनट बाद विमान को आग की लपटों में देखा.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना की जांच पूरी होने के बाद उसके निष्कर्ष महाराष्ट्र सरकार के साथ साझा किए जाएंगे. मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य में विमान और हवाई अड्डों की सुरक्षा में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. First Updated : Thursday, 29 January 2026