NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान पी.वी. कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो पुणे में केमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर कार्यरत था.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को बड़ी कामयाबी मिली है. जांच एजेंसी ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान पी.वी. कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो पुणे में केमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर कार्यरत था और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था. 

सीबीआई ने क्या दावा किया?  

सीबीआई का दावा है कि कुलकर्णी के पास परीक्षा के प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी और उसने इसी का फायदा उठाकर परीक्षा से पहले छात्रों तक सवाल पहुंचाए. जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह में आरोपी ने कुछ छात्रों को विशेष रूप से इकट्ठा किया था. इस काम में उसकी मदद मनीषा वाघमारे नाम की महिला ने की, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई की जांच में सामने आया है कि पुणे स्थित अपने घर पर कुलकर्णी ने छात्रों के लिए गुप्त क्लासेज आयोजित की थीं. इन क्लासेज में वह संभावित प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर छात्रों को बताता था, जिन्हें छात्र अपनी कॉपियों में नोट करते थे.

मामले में सबसे अहम सबूत तब मिला जब छात्रों की नोटबुक में लिखे सवालों का मिलान 3 मई 2026 को आयोजित वास्तविक NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र से किया गया. जांच में पाया गया कि कई सवाल पूरी तरह मेल खाते थे. इसके बाद सीबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पेपर लीक का स्रोत परीक्षा प्रणाली के अंदर से ही जुड़ा हुआ था.

पुणे से गिरफ्तार कुलकर्णी 

लंबी पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद सीबीआई ने कुलकर्णी को पुणे से गिरफ्तार किया. वह मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का निवासी बताया जा रहा है. एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और यह गिरोह किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था.

बीते 24 घंटों में सीबीआई ने कई राज्यों में छापेमारी कर दस्तावेज, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पूरे रैकेट की कार्यप्रणाली सामने लाई जा सके. जांच एजेंसी का कहना है कि छात्रों से लाखों रुपये लेकर उन्हें इन “स्पेशल क्लासेज” में शामिल कराया जाता था, जहां लीक हुए सवालों की तैयारी कराई जाती थी.

सीबीआई ने इस मामले में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारियां जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से हुई हैं. पांच आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है. एजेंसी का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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