काँप उठा जापान! 50 किमी गहराई में आया भूकंप का प्रचंड झटका, सुनामी को लेकर ये अपडेट

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे USGS के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.7 थी। इसका केंद्र इवाते प्रांत के ओफुनातो शहर से करीब 49 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में समुद्र के नीचे कम गहराई पर था।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: शुक्रवार (15 मई 2026) शाम जापान के होंशू द्वीप के पूर्वी तट पर तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटकों से तोहोकू इलाके में कुछ देर के लिए ट्रेन सेवाएं रुक गईं और आपातकालीन अलर्ट भी जारी हुए। राहत की बात ये रही कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। अभी तक किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है।

भूकंप का केंद्र और समय   

आपको बताते चलें कि अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे USGS के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.7 थी। इसका केंद्र इवाते प्रांत के ओफुनातो शहर से करीब 49 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में समुद्र के नीचे कम गहराई पर था। जापान में रात 8:22 बजे यानी भारत में शाम 4:52 बजे झटके आए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने अपनी स्केल पर इसकी तीव्रता 6.3 बताई।

कहां कितने तेज झटके   

मियागी प्रांत के तोमे, ओसाकी और इशीनोमाकी शहरों में 'लोअर 5' तीव्रता के तेज झटके लगे। वहीं मियागी और पड़ोसी इवाते के कई इलाकों में 4 तीव्रता के झटके दर्ज हुए। भूकंप के तुरंत बाद आपात अलर्ट जारी हुए, लेकिन बाद में साफ किया गया कि सुनामी नहीं आएगी। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और आफ्टरशॉक्स के लिए तैयार रहने को कहा है।

ट्रेन सेवाएं हुईं प्रभावित   

झटकों के बाद एहतियातन JR East ने टोक्यो और शिन-आओमोरी के बीच तोहोकू शिंकनसेन बुलेट ट्रेन रोक दी। बाद में धीरे-धीरे सेवाएं शुरू हुईं। हालांकि यामागाता शिंकनसेन के कुछ रूट अभी भी जांच के लिए बंद हैं। 

नुकसान की कोई खबर नहीं, सुनामी का खतरा नहीं 

फिलहाल किसी इमारत के गिरने, बिजली जाने या किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रभावित इलाकों में टीमें जांच कर रही हैं। वहीं इसके अलावा यह भी जानकारी आ रही है कि सुनामी को लेकर कोई अपडेट नहीं है।

तोहोकू में फिर हिली धरती   

ये पिछले कुछ हफ्तों में तोहोकू का सबसे तेज भूकंप है। 20 अप्रैल को इसी इलाके में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। तब सुनामी अलर्ट और भूकंपीय गतिविधि बढ़ने की चेतावनी दी गई थी। इस महीने होंशू के पूर्वी तट पर 5.0 और 4.7 तीव्रता के छोटे भूकंप भी आए हैं। जापान 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' पर है, इसलिए यहां अक्सर भूकंप आते हैं। फिलहाल अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

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