छत्तीसगढ़ के जशपुर को मिली पहली रेल लाइन की सौगात, 291 KM की मेगा परियोजना को मिली मंजूरी

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के इतिहास में विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है. दशकों पुरानी रेल सुविधा की मांग को हरी झंडी दिखाते हुए भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है.

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छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के इतिहास में विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है. दशकों पुरानी रेल सुविधा की मांग को हरी झंडी दिखाते हुए भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को 'विशेष रेल परियोजना' के रूप में अधिसूचित कर दिया है. इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही जशपुर जिला पहली बार भारतीय रेल के विशाल नेटवर्क से सीधे जुड़ने जा रहा है. यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना सिर्फ पटरियों के बिछने तक सीमित नहीं है बल्कि इसे इस वनांचल क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक तकदीर बदलने वाले बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है.

291 किलोमीटर का सफर

रेल मंत्रालय के इस निर्णय के बाद करीब 291.881 किलोमीटर लंबी एक नई जीवनरेखा का खाका तैयार हो चुका है. यह प्रस्तावित रेल लाइन छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होगी और जशपुर जिले के पत्थलगांव से गुजरते हुए पड़ोसी राज्य झारखंड के लोहरदगा स्टेशन तक जाकर मिलेगी. इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद जशपुर का सीधा संपर्क देश के प्रमुख शहरों से हो जाएगा. जिससे परिवहन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा.

रेल मंत्रालय की अधिसूचना जारी

भारत सरकार द्वारा राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, रेल अधिनियम 1989 के प्रावधानों के तहत लोकहित और राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को प्राथमिकता देते हुए इसे विशेष दर्जा दिया गया है. इस गजट नोटिफिकेशन के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन के रास्ते खुल गए हैं. इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी बुनियादी ढांचे के विकास के दृष्टिकोण और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जमीनी प्रयासों का बड़ा प्रतिफल माना जा रहा है.

व्यापारियों और युवाओं को सीधे लाभ

प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद जशपुर जिला अब तक रेल कनेक्टिविटी के अभाव में पिछड़ा हुआ था. यहां के लोगों को लंबी दूरी की यात्रा करने और माल परिवहन के लिए पूरी तरह से केवल सड़क मार्ग पर ही आश्रित रहना पड़ता था. इस नई रेल लाइन के बिछने से स्थानीय किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक कम लागत में पहुंचाने की सुविधा मिलेगी. साथ ही, व्यापारियों को माल मंगाने और भेजने में आसानी होगी, जिससे क्षेत्र में नए उद्योगों और रोजगार की राह खुलेगी.

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान

जशपुर जिला अपने सुरम्य जलप्रपातों, सघन वन क्षेत्रों, अनूठी जनजातीय संस्कृति और विशिष्ट धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है. सुलभ परिवहन व्यवस्था न होने से यहां पर्यटकों की आमद सीमित थी. रेल सेवा शुरू होने से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए जशपुर आना बेहद सुगम हो जाएगा. पर्यटन की इस नई रफ्तार से स्थानीय होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प कारीगरों, गाइडों और छोटे दुकानदारों की आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज होने की उम्मीद है.

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव

यह नई परियोजना जशपुर और आसपास के ग्रामीण अंचलों के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलेगी. छात्र अब बड़े शहरों के नामी शिक्षण संस्थानों तक सुरक्षित और किफायती सफर कर सकेंगे. इसके साथ ही, जिले के गंभीर मरीजों को आपातकालीन या बेहतर इलाज के लिए महानगरों के बड़े अस्पतालों तक ले जाना बेहद सुगम हो जाएगा. जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सूचकांकों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. First Updated : Sunday, 14 June 2026