छत्तीसगढ़ में रायपुर के पॉश इलाके में लगी भीषण आग, काबू पाने के लिए बुलाई गई जेसीबी
रायपुर के सबसे व्यस्त व्यापारिक इलाकों में से एक एमजी रोड पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. यहां स्थित 'जया ऑटोमोबाइल' के शोरूम और गोदाम वाली तीन मंजिला इमारत में सुबह करीब 10 बजे भीषण आग लग गई.

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त व्यापारिक इलाकों में से एक एमजी रोड पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. यहां स्थित 'जया ऑटोमोबाइल' के शोरूम और गोदाम वाली तीन मंजिला इमारत में सुबह करीब 10 बजे भीषण आग लग गई. आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते उसने दूसरी और तीसरी मंजिल को भी अपनी पूरी चपेट में ले लिया. घटना के बाद से पूरे मौदहापारा थाना क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है. दमकल विभाग की 6 गाड़ियां लगातार पानी की बौछारें कर रही हैं. ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण घंटों बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है.
शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह
चश्मदीदों और स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, हादसा सुबह दुकान खुलने के कुछ ही समय बाद हुआ. शोरूम के भीतर जैसे ही मुख्य बिजली बोर्ड की एमसीबी को ऊपर उठाया गया, वैसे ही अंदरूनी तारों में जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारियां भड़क उठीं. कुछ ही मिनटों में दुकान के शटर और खिड़कियों से काले धुएं का गुबार बाहर निकलने लगा. जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ऊपर की मंजिलों की तरफ फैल गई.
दीवार तोड़कर घुसी टीम
राहत और बचाव कार्य में जुटी फायर ब्रिगेड की टीम को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना शोरूम के भीतर रखे सामानों की वजह से करना पड़ रहा है. ऑटोमोबाइल स्टोर होने के कारण बिल्डिंग के अंदर भारी मात्रा में नए टायर्स, ट्यूब्स, प्लास्टिक का सामान, फाइबर बॉडी पार्ट्स और इंजन ऑयल व लुब्रिकेंट्स भरे हुए थे. इस रासायनिक कचरे और तेल ने ईंधन का काम किया. जिससे आग और ज्यादा धधक उठी. हालात पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कटर की मदद से बिल्डिंग की पक्की दीवार को तोड़कर अंदर दाखिल होना पड़ा.
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौदहापारा थाना पुलिस ने एहतियात के तौर पर एमजी रोड के प्रभावित हिस्से में बैरिकेडिंग कर दी है ताकि आम लोगों की आवाजाही को रोका जा सके. फिलहाल पुलिस और दमकल अधिकारियों का पूरा ध्यान दुकान के भीतर फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग को बुझाने पर केंद्रित है. अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह शांत होने के बाद ही संपत्ति को हुए वास्तविक नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा.


