CJP प्रदर्शन के बीच AAP का बड़ा ऐलान, मेडिकल और कानूनी मदद के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर

आम आदमी पार्टी ने CJP प्रदर्शन में घायल हुए लोगों और हिरासत में लिए गए छात्रों के परिजनों के लिए मेडिकल व कानूनी सहायता उपलब्ध कराने हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. पार्टी का कहना है कि जरूरतमंदों को इलाज और कानूनी मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन मंगलवार को भी जारी को भी जंतर मंतर पर जारी है. इसी बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों और हिरासत में लिए गए छात्रों के परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 8588833548 जारी किया है. उन्होंने कहा कि इस हेल्पलाइन के जरिए घायलों को चिकित्सा सहायता और जरूरतमंद परिवारों को कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी.

पहुंच सकते है जंतर-मंतर 

इसके साथ ही अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों और छात्राओं के साथ बल प्रयोग किया गया है, जो बेहद गलत है. सूत्रों के अनुसार, इसी सिलसिले में अरविंद केजरीवाल फिलहाल संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं और वहां से जंतर-मंतर जाने की संभावना है. 

मंगलवार को भी जारी विरोद्ध प्रदर्शन 

बता दें, सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद मंगलवार सुबह से ही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुंचने लगे. वहीं स्थिति को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. इसी बीच अब पीएम मोदी, मल्लिकार्जुन खरगे और असदुद्दीन ओवैसी से लेकर कई लोगों के  राजनीतिक बयान सामने आ रहे हैं. 

पीएम मोदी ने क्या कहा

सोमवार को हुए जोरदार छात्र प्रदर्शन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा है कि नीट परीक्षा को लेकर कहा कि पेपरलीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और छात्रों के हित हमारे लिए सबसे ऊपर हैं. इसके साथ ही पीएम मोदी ने बड़े वकीलों से आगे आने आने की अपील की है ताकि लीक से जुड़े मुद्दे पर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिल सकें.

जन्मदिन का जश्न नहीं मनाएंगे मल्लिकार्जुन खरगे

कांग्रेस की और से राज्यसभा के सदस्य ने भी नीट पेपर लीक मामले को लेकर अपनी टिप्पणी दी है. उन्होंने ऐलान किया है कि छात्रों के ऊपर हुए बल प्रयोग से वह काफी आहात है, जिसके चलते वह अपने जन्मदिन का जश्न नहीं माएंगे. साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया है.

वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार को बल प्रयोग से पहले प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए थी. इसके अलावा सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा.

बल प्रयोग को लेकर कल होगी दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 

इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट में पुलिस के बल प्रयोग से जुड़ी जनहित याचिका का उल्लेख किया गया है. अदालत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है. हालांकि इस मामले को लेकर सुनवाई कल की जाएंगी। वहीं सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. हाई कोर्ट ने अस्पताल से उनकी मेडिकल रिपोर्ट और हेल्थ बुलेटिन तलब किया है तथा उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई होनी है.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी 

सोमवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें उनके सामने रखीं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सरकार की ओर से किसी भी मांग पर फिलहाल कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया. बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की. 

दूसरी ओर, CJP ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी सबसे बड़ी मांग है और जब तक इस पर फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने यह भी कहा कि सरकार अगर बातचीत के लिए बुलाती है तो वह तैयार है, लेकिन वह आंदोलन से पीछे नहीं हटने वाले हैं.

अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज 

उधर, सोमवार को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. पुलिस के अनुसार, इस हिंसा में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए.

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